जरूरत पड़ी तो कोरोना संदिग्ध को जबरन कराएंगे भर्ती
शासन ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी और निजी चिकित्सालयों में कोरोना के संदिग्ध मामलों की स्क्रीनिंग के लिए फ्लू कॉर्नर बनाया जाए। अगर कोरोना संदिग्ध व्यक्ति भर्ती होने से इंकार करता है तो उसे बलपूर्वक भी भर्ती कराया जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने शासन से मास्क, सेनिटाइजर, ग्लव्स और पीपीई किट आदि की डिमांड की है। इसके अलावा संदिग्ध मरीज का सिर्फ एक सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। इसमें नाक और गले का स्वेब भेजा जाएगा।
दो लोगों के सैंपल भेजे, शास्त्रीनगर का युवक निगरानी में
सीएमओ ने बताया कि विदेश से आए दो और लोगों के सैंपल कोरोना जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इनमें 55 साल की एक महिला तीन दिन मलयेशिया रहकर आई है। जबकि एक युवक गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में जॉब करता था। इन्हें खांसी-जुकाम और बुखार है।
वहीं, शास्त्रीनगर निवासी एक युवक की 14 दिनों की निगरानी शुरू की गई है। यह युवक अमेरिका से लौटा था। उसके रिश्तेदार यहां रहते हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी थी, जिसके बाद युवक का फार्म भरवाया गया। उसकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है।
मेडिकल लैब में हो सकती है प्राथमिक जांच
मेडिकल कॉलेज में स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। इस लैब में कोरोना की प्राथमिक जांच शुरू करने की शासन स्तर से कवायद चल रही है। हालांकि इसका अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। इस लैब में मशीनें तो हैं। लेकिन अभी कोरोना किट नहीं है। यहां जांच में यदि किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे पुणे लैब भेजा जाएगा और वहीं से पुष्टि होने पर इसे सही माना जाएगा।
22 मार्च तक सीसीएसयू में विभाग बंद, परीक्षाएं यथावत
मेरठ। कोरोना वायरस से बचाव के चलते सीसीएसयू के सभी शिक्षण विभाग जिसमें परीक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं उनमें 22 मार्च तक अवकाश रहेगा। कुलसचिव की ओर से रविवार को यह आदेश सभी विभागों को दिया गया है। परीक्षाएं यथावत रहेंगी बस शिक्षण कार्य नहीं होगा।
अनावश्यक भय न फैलाएं
मेरठ में अभी तक कोरोना का कोई भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है, इसलिए अनावश्यक भय का माहौल न पैदा करें। जो भी प्रशासनिक निर्णय लिया जाएगा वह सोच समझकर लिया जाएगा। सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति देने में एहतियात बरती जा रही है। -अनिल ढींगरा, डीएम