मेरठ पुलिस की तरफ से फेसबुक के मुख्यालय कैलिफोर्निया को चिट्ठी भेजी गई ताकि बद्दो की पोस्ट का सच पता लग सके। बद्दो की फरारी के बाद उसके खिलाफ मार्च 2019 में ही लुकआउट नोटिस जारी कराया गया था, जो एक साल तक मान्य है। पुलिस सिर्फ दावा कर रही है कि बद्दो विदेश नहीं भाग सकता। 28 मार्च के बाद लुक आउट नोटिस के समय को फिर बढ़वा दिया जाएगा।
नीदरलैंड से लोकेशन डालने के पीछे उसका क्या मकसद था, इसकी पुलिस, सर्विलांस और साइबर एक्सपर्ट के अलावा एसटीएफ भी जांच में जुटी। बद्दो की फेसबुक पर की गई पोस्ट को लेकर साइबर सेल ने फेसबुक मुख्यालय को रिमाइंडर भी भेजा गया था, जिसमें पूछा गया कि बद्दो कौन है। लेकिन अब फेसबुक मुख्यालय से रिपोर्ट आई कि एफबी पोस्ट लंदन से डाली गई थी।
पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि रिपोर्ट लंदन की आई है, लेकिन इसमें यह माना जा रहा है कि फर्जी एप का प्रयोग किया गया। एप से कई बार लोकेशन अलग-अलग देश की भी शो की जाती है। तीन माह पहले यूपी एसटीएफ ने पुणे में जाल बिछाया था, जहां बद्दो को एक अस्पताल में इलाज कराने की सूचना मिली थी। लेकिन बद्दो गोपनीय ढंग से पहले ही निकल भागा था।
पुलिस और एसटीएफ कभी नेपाल तो कभी पंजाब में छिपे होने का अंदेशा जताती है। लेकिन कुख्यात तक पहुंचना आसान नहीं है, जिसके लिए पांच लाख के इनाम की संस्तुति भी भेजी हुई है। बद्दो की फरारी में 6 पुलिसकर्मी समेत 16 लोग जेल गए थे।