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मेरठ के सूरजकुंड श्मशान में गहराया कोरोना का खतरा, बिना पीपीई किट शवों का हो रहा अंतिम संस्कार

Thu, 04 Jun 2020 07:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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meerut suraj kund - फोटो : amar ujala
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लॉकडाउन के बाद से सूरजकुंड स्थित शवदाह गृह में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार के बाद यह अच्छी तरह से सैनिटाइजेशन भी नहीं कराया जा रहा है। मेडिकल वेस्ट भी यहां ढेर लगा है। ऐसे में यहां काम कर रहे पुरोहितों में कोरोना का खतरा बढ़ गया है।

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श्मशान घाट पर अंतिम क्रिया कराने वाले पुरोहितों के अनुसार, कोरोना पॉजिटिव शवों के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें पीपीई किट भी नहीं दी जा रही है। शव लाने वाले एंबुलेंस कर्मचारी और परिजन यहीं पर ग्लब्ज और मास्क छोड़कर चले जाते हैं। हफ्तों तक यहां से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। आसपास के मोहल्ले नेहरूनगर और फूलबाग कॉलोनी के लोग भी यहां कोरोना पॉजिटिव शवों के अंतिम संस्कार का विरोध कर रहे हैं। 

लोगों का कहना है कि मास्क लगाने के बाद भी शवों की दुर्गंध से परेशान हैं। ऐसे में बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। गंगा मोटर कमेटी की ओर से शवदाह गृह में सफाई व्यवस्था कराई जाती है। कोरोना महामारी के बीच यहां की व्यवस्था चरमरा गई है।

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जनप्रतिनिधियों से की शिकायत
मोहल्ले के लोगों ने अपनी समस्याओं से नगर निगम अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को भी अवगत कराया है। हालांकि अभी तक समस्या का हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। - अनिल शर्मा, नेहरूनगर

70 दिन में नहीं बना पाए व्यवस्था
दो माह बाद भी गंगा मोटर कमेटी और प्रशासन में तालमेल नहीं है। आचार्यों को किट नहीं मिली है। हर तरफ गंदगी है। बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। - तहेंद्र उपाध्याय, फूलबाग कॉलोनी

मोहल्ले के लोग कर रहे विरोध
शवदाह गृह के 500 मीटर दूरी पर रहने वाले लोगों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। हवा के साथ दुर्गंध आती है। पहले यह समस्या नहीं थी। लॉकडाउन के बाद से यहां अव्यवस्था का बोलबाला है। - सचिन शर्मा, नेहरूनगर

अव्यवस्था बनी खतरा
सूरजकुंड शवदाह गृह में अव्यवस्था आसपास के लोगों के लिए बड़ा खतरा है। एक दिन में 7-8 कोरोना पॉजिटिव मृतकों के अंतिम संस्कार हो रहे हैं। यहां सुरक्षा संबंधी कोई सावधानी नहीं बरती जा रही हैं। - सुनील तोमर, पूर्व पार्षद, नेहरूनगर
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कमेटी नहीं दे रही सुविधा
गंगा मोटर कमेटी अंतिम संस्कार के बाद हाथ धोने के लिए साबुन तक उपलब्ध नहीं करा रही है। सैनिटाइजर तो बहुत दूर की बात है। कोरोना पॉजिटिव शवों के अंतिम संस्कार के लिए किट भी नहीं दी जा रही। - रामगोपाल  शर्मा, आचार्य, शवदाह गृह, सूरजकुंड

सुरक्षा व सफाई का अभाव
शवदाह गृह में नियमित सफाई नहीं हो रही है। कोरोना पॉजिटिव शवों के अंतिम संस्कार के बाद लोग संक्रमित ग्लब्ज, मास्क आदि यहीं फेंक जाते हैं। ऐसे में यहां महामारी का खतरा बढ़ गया है। कुछ लोग स्वास्थ्य खराब बता रहे हैं। - हरीश शर्मा, आचार्य, शवदाह गृह

कार्यालय में उपलब्ध हैं किट
गंगा मोटर कार्यालय सहित रोडवेज पर भी 10 से 12 किट उपलब्ध हैं। प्रतिदिन साबुन और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाता है। अगर कोई परेशानी है तो पुरोहित कार्यालय में बता सकते हैं। सैनिटाइजेशन भी नियमित कराया जा रहा है। -दिनेश जैन, मंत्री, गंगा मोटर कमेटी
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