आंकड़ों में खेल से नहीं थमेगा कोरोना
मेरठ। आंकड़ों के खेल से तो कोरोना पर अंकुश लगने वाला नहीं है। यही वजह है कि कोरोना के एक्टिव केस में मेरठ सूबे में दूसरे स्थान पर है। मौतों में तीसरे और कुल मरीजों में 8वें स्थान पर है। वहीं, 3198 एक्टिव केस के साथ लखनऊ आगे है। लखनऊ में 941 एवं कानपुर में 756 लोगाें की मौत हो जाने से आगे हैं।
प्रदेश में कोरोना से मौत के मामले में मेरठ पिछले माह तक छठे स्थान पर था। मरीजों की कुल संख्या में मेरठ से आगे लखनऊ पहले नंबर पर है। इसके बाद कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर और वाराणसी हैं। शासन और मेरठ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पिछले कई महीने से खेल जारी है। जिसके चलते 17 नवंबर तक दोनों के आंकड़ों में 929 मरीजों, 29 मौतों और 331 एक्टिव केस का अंतर है। मेरठ स्वास्थ्य विभाग संख्या कम दिखा रहा है और शासन ज्यादा। ये हालत तब है जब खुद मुख्यमंत्री सुधार की हिदायत दे चुके हैं।
आंकड़ों में अंतर की मुख्य वजह
- टेस्ट कराते समय लोगों ने गलत जानकारी दी, मरीज नहीं मिले।
- एक व्यक्ति ने दो से तीन बार अलग-अलग जगह कोरोना की जांच कराई।
- स्वास्थ्य विभाग मरीजों को ट्रेस करने में लापरवाही बरतता है।
- पोर्टल में मरीज की जानकारी डाल देते हैं, अपने यहां कई दिन बाद जोड़ते हैं।
मेरठ का हाल...
शासन के आंकड़े
कुल मरीज-16127
मौत- 370
एक्टिव केस- 1790
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
कुल मरीज-15198
मौत- 341
एक्टिव केस- 1459
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सही : सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि पोर्टल पर तुरंत अपडेट किया जाता है, जबकि स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़े हर मरीज की पड़ताल करने के बाद अपडेट करता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सही हैं। हालांकि यह सच है कि लोग अलग-अलग जांच केंद्र पर एक नाम से भी जांच करा लेते हैं। इससे भी अंतर आ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग को मिलीं 32 हजार एंटीजन किट
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग को बुधवार को 32 हजार 200 एंटीजन किट मिल गई हैं। इससे फिलहाल जांच का संकट कम हो जाएगा। पिछले कई दिन से एंटीजन किट खत्म होने का खतरा मंडरा रहा था। दरअसल एक दिन में एंटीजन से करीब दो हजार जांच करने का लक्ष्य है और स्वास्थ्य विभाग के पास आठ हजार एंटीजन किट बची थी। स्वास्थ्य विभाग के चीफ फार्मेसिस्ट वीके सिंह ने बताया कि एंटीजन किट मिल गई है, अब कोई परेशानी नहीं है।