छाया अपने बेटे के साथ रतनपुरी थाना प्रांगण में स्थित सरकारी आवास में ही रहती हैं। अपने डेढ़ वर्षीय छोटे से बच्चे को वह अपने परिजन के पास छोड़कर अपनी ड्यूटी पर निकल जाती हैं। जहां से वह सुबह होने पर ही लौटकर आती हैं। रातभर छोटा सा बच्चा बार-बार अपनी मां के बारे पूछताछ करते करते ही सो जाता हैं। शाम होते ही वह अपनी ड्यूटी हेतु बुढ़ाना के लिये निकल पड़ती हैं और सुबह को ही लौटती हैं।
छाया का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण उसे पीआरवी पर रहते समय काफी सावधानी रखनी पड़ रही हैं। ड्यूटी से वापिस लौटते ही सबसे पहले वह साबुन और सैनिटाइजर से अच्छी तरह अपने आप को सैनेटाइज करती हैं।
स्नान करने के बाद ही वह अपने बेटे से मिलती हैं। उसका कहना है कि हम साफ सफाई के साथ और अपने घर पर रहकर लॉकडाउन का पूर्णतया पालन करते हुए ही कोरोना के विरुद्ध जारी इस जंग को जीत सकते हैं।