आरोप है कि उनकी कालोनी में सुरक्षा के लिए रखे गए गार्ड की केबिन समय-समय पर किसी दूसरे के मकान के सामने रखा जाता है। शुक्रवार शाम डॉक्टर प्रशांत अपने घर मे थे, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के चलते वह मेडिकल संबंधी कार्य में व्यस्त थे कि गार्ड का केबिन डॉ. प्रशांत के घर के सामने रखा गया तो डॉ. प्रशांत के द्वारा यह कहते हुए आपत्ति कि गई की यहां पर उनकी गाड़ी खड़ी होती है , इसलिए यहां पर केबिन नहीं रखा जाएगा। इस बात पर पड़ोसी युद्धवीर सिंह यादव से डॉ. प्रशांत का विवाद हो गया। जिसमे दूसरे व्यक्ति ने डॉक्टर पर कुर्सी से हमला कर दिया। डॉ. प्रशांत के दाहिने हाथ में चोट आई।
सूचना पर नौचंदी इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने पीडीत डॉक्टर को मेडिकल के लिए भेज दिया। डॉ. प्रशांत के पिता विमल भटनागर के द्वारा थाना नौचंदी में यदुवीर सिंह यादव, आरएस यादव, और जुगल साहनी के खिलाफ तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर नौचंदी आशुतोष कुमार का कहना है कि तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दिन में कहा कि मकान खाली करो
डॉ. प्रशांत का कहना है कि दिन में भी आसपास के लोगों ने सैनिटाइजेशन का कार्य कराया था। जिसमें उनके मकान के बाहर भी छिड़काव कराया। वहीं कुछ लोगों ने यह कहा था कि डॉक्टर का मकान यहां से खाली करा दो और यह मकान खाली करके कहीं दूसरी जगह चले जाएं। एक पेड़ भी घर के पास बिना अनुमति के पड़ोस के लोगों ने कटवा दिया।
डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टर व पुलिस लगातार कोरोना संक्रमण को लेकर जनता की सेवा कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग इस तरीके से व्यवहार कर रहे हैं जो ठीक नहीं है। इस मामले में पीड़ित डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भी घटना के बारे में जानकारी दी है। वहीं पुलिस पर तहरीर बदलवाने का भी आरोप लगा है।
तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के संदर्भ में कुछ लोगों के द्वारा यह अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही थी कि डॉ प्रशांत कोरोना वार्ड में नौकरी करते हैं, इसलिए कॉलोनी में रहने पर कॉलोनी के अन्य लोगों द्वारा विरोध किया गया और इसी संदर्भ में मारपीट की गई। डॉक्टर के मकान के बाहर गार्ड का केबिन रखा था इसी पर ही पड़ोस के लोगों से विवाद हुआ था। -अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी