इसके अलावा मेरठ में बुधवार को कोरोना संक्रमित शास्त्रीनगर सेक्टर-13 निवासी 72 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मेरठ में कोरोना से मौत का यह पहला मामला था। वह मेडिकल के कोरोना वार्ड में भर्ती थे। 29 मार्च को उन्हें कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह बुजुर्ग कोरोना फैलाने वाले अमरावती महाराष्ट्र के क्राकरी कारोबारी के ससुर थे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बुधवार को दोपहर करीब दो बजे बताया था कि बुजुर्ग शुगर के मरीज होने के साथ हृदयरोगी भी थे, इसलिए हाईरिस्क में थे। इन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मंगलवार रात करीब एक बजे इन्हें वेंटिलेटर पर लिया गया था। लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। इन्हें बचाने की तमाम कोशिशें की गईं। बुधवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया था।
मौत की पुष्टि करीब तीन घंटे बाद की गई थी। मौत की घोषणा से पहले अंतिम संस्कार किस तरह से किया जाना है, इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का अध्ययन किया गया। क्योंकि मेरठ में इस तरह की मौत का पहला मामला था। उसके बाद सारे प्रोटोकॉल फॉलो करने के तहत दोपहर को शव को पुलिस द्वारा नौचंदी के बाले मियां कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था।
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