सब्जियों को भी तरसे ग्रामीण
गांव कवाल के कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनको सब्जियां नहीं मिल रही है। सोमवार की सुबह होम डिलीवरी करने वाले सब्जी विक्रेता को फोन किया था, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। जिस कारण उनको सब्जी नहीं मिल सकी। गांव के एक सब्जी विक्रेता का कहना है कि प्रशासन ने होम डिलीवरी के लिए जो लिस्ट तैयार की थी, उस लिस्ट में उसका नाम नहीं दिया गया है। जबकि उसके पास सब्जियां मौजूद हैं। बिना परमिशन के वह सब्जियां बेच नहीं सकता, इसलिए घर में रखी सब्जियां सूखने व खराब होने लगी है।
ग्रामीण जागकर काट रहे हैं रात
गांव कवाल के ग्रामीणों में पूरी तरह से दहशत है। ग्रामीणों ने अपने गली मोहल्लों को बल्लियां लगाकर बंद कर रखा है। इसके बावजूद ग्रामीण रात के समय उनके मोहल्ले में कोई न आ जाए, इसलिए वे जागकर रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि मस्जिद में ठहरे जमातियों के संपर्क में और भी ग्रामीण हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इसकी जांच पड़ताल कराने की मांग की है। जबकि रविवार को जांच में जमातियों के संपर्क में आने वाले 13 ग्रामीण मिले थे। इनमें ग्राम प्रधान का पति भी शामिल हैं। इनको मीरापुर बीआईटी में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा चुका है।
कोरोना केस मिलने से दहशत
नगर में कोरोना संक्रमण के केस लगातार मिल रहे हैं। मोहल्ला इस्लामनगर में एक ही परिवार में कोरोना के छह मरीज मिलने के बाद मोहल्ले को सील कर दिया गया है। मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। नगर के लोगों में दहशत बनी हुई है।
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