172 डोज करनी पड़ी नष्ट
गुरुवार को 172 डोज नष्ट करनी पड़ी। लाभार्थियों के कम पहुंचने के कारण ऐसा करना पड़ा। दरअसल, एक वायल से 0.5 एमएल की एक डोज लगती है, लेकिन एक बार खुलने के बाद अगर उसमें डोज बच जाती है तो 4 घंटे बाद उसे नष्ट करना पड़ता है। पहले चरण में 28 डोज और दूसरे में 40 डोज नष्ट करनी पड़ी थी।
पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन
मैंने वैक्सीन लगवाई है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। - डॉ. वीरोत्तम तोमर
कोई परेशानी नहीं हुई
कोरोना टीकाकरण से कोई परेशानी नहीं हुई। पता भी नहीं चला कि कब टीकाकरण हो गया। मैं स्वस्थ हूं। - मुनीष पंडित, मैनेजर आंनद अस्पताल
भ्रम में न आएं
टीकाकरण कराने से कोई दिक्कत नहीं है। लोग किसी तरह के भ्रम में न आएं। यह पूरी तरह सुरक्षित है। - मनीष, नर्सिंग स्टूडेंट
मैने कराया टीकाकरण
नर्सिंग कॉलेज की काफी छात्राएं टीकाकरण कराने के लिए आई हैं। मैंने भी टीकाकरण कराया है। कोई परेशानी नहीं हुई। मैं ठीक हूं। - आयुषी, नर्सिंग छात्रा
लोकप्रिय अस्पताल में हुआ कोरोना टीकाकरण
लोकप्रिय अस्पताल में कोरोना के टीकाकरण का उद्घाटन अस्पताल के निदेशक डॉ. रोहित रविंद्र और न्यूरो सर्जन डॉ. अजय गुप्ता ने किया। टीका लगवाने वालों में डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. पीडी शर्मा, डॉ. आरुषि सिंह, सीए सोनाली आदि रहे। नोडल अफसर सुनीता रहीं। व्यवस्था प्रमोशन मैनेजर ऋषभ अग्रवाल, डॉ. अर्चिता तिवारी कंसल ने की।