मेरठ में कोरोना भयावह होता जा रहा है। अब हर घंटे नौ से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। पिछले पांच दिन में रफ्तार तेजी से बढ़ी है। हर रोज 200 से अधिक मरीज मिले हैं। इस दौरान 1161 मरीज मिले। यानी पांच दिन में ही एक हजार का आंकड़ा पार हो गया। पिछले साल 30 जून को 1000 मरीजों का आंकड़ा पूरा हुआ था, जबकि 27 मार्च 2020 को पहला मरीज मिला था। इस सप्ताह हर रोज 232 मरीज मिलने का औसत है।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और न मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए सोशल डिस्पेंसिंग, मास्क और सफाई का पालन करना ही होगा।
अस्पतालों में बेड कम, होम आइसोलेशन ने बचाई लाज
अगर होम आइसोलेशन न होता तो कोरोना के मरीजों का इलाज कैसे होता। अभी स्वास्थ्य विभाग ने 2200 बेड आरक्षित किए हैं और इनमें से भी करीब 1700 बेड ही संचालित किए जा रहे हैं, जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या करीब दो हजार के करीब है।
गनीमत है कि 1100 से ज्यादा लोग होम आइसोलेशन में हैं। इसके बावजूद किसी को बेड नहीं मिल रहा तो किसी को वेंटिलेटर नहीं। अगर ये मरीज भी अस्पतालों में भर्ती किए जाते तो बहुत भयावह स्थिति होती। आने वाले दिनों के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी करनी होगी।
जरूरत के हिसाब से बढ़ाई जाएगी बड़ों की संख्या
ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में हैं, अगर आरक्षित बेड भर जाते हैं तो और अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। बेड लगाने के लिए स्कूल और कॉलेज भी चिह्नित किए हुए हैं।
- डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ