वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए सोमवार को जिला कारागार में बंद 131 विचाराधीन बंदियों को आठ सप्ताह के लिए पेरोल पर रिहा कर दिया गया है। शासन के आदेश पर छोड़े गए बंदियों में पांच महिलाओं समेत 57 बंदी जनपद शामली और शेष 74 मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शासन को जेल में बंद ऐसे बंदियों को छोड़ने के आदेश दिए थे, जो ऐसे मामलों में बंद हैं, जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक हो सकती है। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि अदालत ने अंतरिम जमानत पर जेल में बंद 131 विचाराधीन बंदियों को सोमवार शाम रिहा कर दिया है।
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उन्होंने बताया कि सभी बंदियों को आठ सप्ताह के पेरोल पर रिहा किया गया है, जिन्हें आठ सप्ताह बाद फिर से जेल में आमद कराने के आदेश दिए गए हैं। इन बंदियों में 74 विचाराधीन बंदी जनपद मुजफ्फरनगर के हैं, जबकि 57 बंदी जनपद शामली के शामिल हैं। शामली के बंदियों में पांच महिला बंदी भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सभी बंदियों को उनके गंतव्य तक भेजने के लिए वाहनों की भी व्यवस्था पुलिस के सहयोग से की गई है।
राहत सामग्री दी
जैन मिलन विहार मुजफ्फरनगर व इनरव्हील क्लब मुजफ्फरनगर के संयुक्त तत्वावधान में 200 पैकिट सुखे खाद्य सामग्री गरीब जरूरत मंद लोगों के लिए भेंट की गयी। अध्यक्ष योगेंद्र जैन, सचिव मनोज कुमार जैन, संजय जैनं, संजय जैन, प्रवीण जैन, साकार जैन, अंशु स्वरूप, संतोष शर्मा, अंजलि जैन आदि का सहयोग रहा।
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