लागत ज्यादा और बिक्री का समय कम होने के कारण नया विकल्प तलाशना पड़ रहा है। बिस्कुट, नमकीन, टॉफी, चॉकलेट सहित अन्य पदार्थ जल्द खराब नहीं होते हैं। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि परंपरागत व्यापार बचाने के लिए शनिवार और रविवार की बंदी खत्म करने के साथ ही रात 11 बजे तक बाजार की छूट देनी होगी। इसके लिए शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया है।
जलेबी और कचौड़ी से चला रहे काम
कोरोना काल में मिठाइयों की मांग कम होने और व्यापार प्रभावित होने के कारण कुछ व्यापारी तो जलेबी और कचौड़ी बेचकर काम चला रहे हैं। मिठान विक्रेता राकेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर विक्रेता सीमित मिठाई बना रहे हैं। कुछ दुकानों पर ग्राहकों के लिए सुबह और शाम ताजी जलेबी और कचौड़ी बनाई जाती हैं।
लटक गए हैं ताले
रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि टोल प्लाजा से परतापुर, दिल्ली रोड, गंगानगर और कंकरखेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक रेस्टोरेंट बंद हैं। अब करीब 150 होटल और रेस्टोरेंट चल रहे हैं। इनमें भी सीमित ग्राहक आ रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक गौरव ने बताया कि आनलाइन सेवाएं देने वाली कंपनियों के दखल से भी उनके काम को झटका लगा है।