मुस्लिम विद्वान व अन्ना हजारे की टीम के सदस्य शमून कासमी ने कहा है कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में जलसा नहीं होना चाहिए था, क्योंकि कोरोना को लेकर दुनियाभर में हालात खराब हैं। उन्होंने कहा कि मौलाना साद ने अपने भाषण में जो कुछ कहा, वह गलत है, बेशक बाद में उन्होंने अपनी गलती सुधार ली है।
कासमी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले लोगों का पलायन कराकर लॉकडाउन का खेल बिगाड़ा। दिल्ली के मरकज में भी जलसा नहीं होना चाहिए था। वहां भीड़ इकट्ठा नहीं होनी चाहिए थी। जलसे से कोरोना वायरस के संक्रमित बढ़ गए हैं। जलसे से देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। जमात से जुड़े लोगों को अपने आचरण में सुधार करना चाहिए। कोरोना के उपचार में लगी टीम के साथ बदसलूकी नहीं करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म गुरुओं को इस मामले में आगे आना चाहिए। रविवार की रात नौ बजे सभी से घरों पर चिराग, मोमबत्ती या टॉर्च से रोशनी करके एकता का संदेश देने की अपील की।
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आपत्तिजनक मैसेज पर रिपोर्ट दर्ज
तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के पक्ष में आपत्तिजनक मैसेज वायरल कर दिया गया। हिंदू युवा वाहिनी के उपाध्यक्ष सौरभ कुमार ने इस संबंध में कोतवाली देहात पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। सौरभ का कहना है कि उनको व्हाट्सएप पर गांव के ही आसिफ द्वारा आपत्तिजनक मैसेज भेजा गया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की है।
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