कोरोना का असर : 54 फीसदी ने छोड़ी बीईओ की परीक्षा, रविवार को 52 केंद्रों पर हुई खंड शिक्षा अधिकारी की परीक्षा
मेरठ। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की प्रारंभिक परीक्षा में कोरोना का असर दिखा। रविवार को हुई परीक्षा में 54 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 24767 में से सिर्फ 11408 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। 52 केंद्रों पर हुई परीक्षा में थर्मल स्कैनिंग किए जाने के बाद ही प्रवेश दिया गया। मास्क अनिवार्य रहा।
खंड शिक्षा अधिकारी की परीक्षा दोपहर 12 बजे से दो बजे के बीच आयोजित हुई। एक घंटा पहले ही अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए। सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग का हर केंद्र पर ध्यान रखा गया। बीएड में जहां 80 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, वहीं दूसरी ऑफलाइन आयोजित इस परीक्षा में 54 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसका कारण लॉकडाउन में परीक्षा होना भी रहा। बहुत से अभ्यर्थी जो बाहर के थे, वे ट्रांसपोर्ट की समस्या के कारण नहीं आ पाए। परीक्षा के लिए केंद्रों को 18 सेक्टरों में बांटा गया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी लगाए गए। परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम अजय तिवारी ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई, किसी भी केंद्र से कोई सूचना नहीं मिली।
अभ्यर्थी बोले, लॉकडाउन में क्यों करा रहे परीक्षा
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने कहा कि लॉकडाउन में परीक्षा कराने का क्या औचित्य है। आगे से परीक्षा का आयोजन हो तो लॉकडाउन न हो। शहर बंद रहने से परेशानी होती है।
कठिन रहा पेपर
अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर कठिन था। एक-एक सवाल में चार-चार सवालों के उत्तर पूछे गए थे। जीके में करंट अफेयर के ज्यादा सवाल आए। पर्यावरण से संबंधित सवाल काफी पूछे गए। कुल 120 सवाल पूछे गए। निगेटिव मार्किंग रही। पेपर का पूर्णाक 300 नंबर रहा।