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मां का दूध नवजात को देगा कोरोना से लड़ने की ताकत, महिलाएं जरूर बरतें ये सावधानी

Thu, 23 Apr 2020 12:30 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान छोटे बच्चों को पूर्ण आहार मिलता रहे, इस पर ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर कोरोना का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में जागरूकता अभियान चला रहा है। स्वच्छता के मानकों का पालन करते हुए बच्चे को जन्म के पहले घंटे में मां का दूध पिलाना बेहद जरूरी है। यह नवजात में रोगों से लड़ने की क्षमता को विकसित करेगा। 

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चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चे के छह माह का होने तक माताओं को केवल स्तनपान कराने के लिए प्रेरित करें। यदि बच्चा बीमार है और कोरोना से संक्रमित है या उसकी आशंका है तो भी मां उसे पूरी सावधानी के साथ अपना दूध पिलाती रहे। जिला महिला अस्पताल की पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिता गर्ग का कहना है कि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि कोरोना वायरस मां के दूध में पाया जाता है। यह खांसने या छींकने पर गिरी बूंदों और एरोसेल के माध्यम से फैलता है। यदि मां पूरी सावधानी के साथ अपने स्वच्छता व्यवहार पर ध्यान दे तो स्तनपान करने पर भी संक्रमण से बचा जा सकता है। बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पीला गाढ़ा दूध पिलाना इसलिए भी जरूरी होता है, क्योंकि वही उसका पहला टीका होता है, जो कि कोरोना जैसी कई बीमारियों से बच्चों की रक्षा कर सकता है। मां के दूध में एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। जिनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, उनको कोरोना से आसानी से बचाया जा सकता है। शुरू के छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध देना चाहिए क्योंकि उसके लिए वही संपूर्ण आहार होता है। 

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माताएं मास्क पहनकर कराएं स्तनपान 
बदलते हुए मौसम में मां बुखार, खांसी जैसी तकलीफ महसूस कर रही हैं तो वह बच्चे को पूरी सावधानी के साथ स्तनपान कराएं। ऐसी स्थिति में मास्क पहनकर ही बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। खांसते और छींकते समय अपने मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढक लें। छींकने और खांसने के बाद, बच्चे को अपना दूध पिलाने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 40 सेकेंड तक अच्छी तरह धोएं। किसी भी सतह को छूने से पहले उसे साबुन या सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें। यदि मां को स्तनपान कराने में परेशानी है तो मास्क पहनकर अपना दूध साफ कटोरी में निकालकर और साफ कप या चम्मच से बच्चे को पिला सकती हैं।  

पोषण से भरपूर हो बच्चे का हर निवाला 
छह माह से बड़े बच्चों को स्तनपान कराने के साथ ही पूरक आहार देना भी शुरू करना चाहिए। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास होता है। दाल, दूध, दूध से बने पदार्थ, मौसमी फल और हरी सब्जियां देना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान ताजे फल या सब्जी न मिल पाएं तो अन्य खाद्य सामग्री काम में लाएं। इतना ख्याल रहे कि बच्चे का हर निवाला पोषण से भरपूर हो।

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