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मेरठ : कोरोना का फिर बढ़ा खतरा, विशेषज्ञ बोले - पंद्रह दिन अहम, प्रमुख सचिव ने दी सतर्क रहने की हिदायत 

Thu, 18 Mar 2021 12:53 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- मार्च के शुरुआती नौ दिन में कुल 16 और सात दिन में मिले 58 मरीज 
- विशेषज्ञ बोले, पिछले साल की तरह तो नहीं, लेकिन बढ़ सकती है मरीजों की संख्या 
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कोरोना वैक्सीन लगातीं स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में कोरोना के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना की लहर एक बार फिर आने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके अलावा कई प्रदेशों में कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा भी हुआ है। इसलिए सतर्कता बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का भी कहना है कि महामारी एकदम से खत्म नहीं होती है, इस तरह लापरवाही रही तो मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
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मार्च में 16 मार्च तक कोरोना के 74 मरीज मिले हैं। इनमें से शुरुआती नौ दिन में 16 मरीज मिले थे। 10 से 16 मार्च तक कोरोना के 58 मरीज मिले। पिछले कुछ दिनों के लिहाज से देखा जाए तो यह बड़ा उछाल है। इसके अलावा केरल और महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन वहां से मेरठ आ रहे लोगों की सही से निगरानी नहीं हो पा रही है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग को रेलवे से इन लोगों की सूची तक नहीं मिली है। हालांकि रैंडम सैंपलिंग शुरू हो चुकी है, यदि कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो यह नाकाफी है।

बढ़ रही है लापरवाही
कोरोना से बचाव के प्रति लोग लापरवाही बरत रहे हैं। कई प्रदेशों में दूसरी लहर देखी जा रही है। ऐसे में मेरठ में भी इसका असर होगा। मरीजों की संख्या कभी 10 से कम तो कभी 10 से ज्यादा हो रही है। यह मरीज बढ़ने का संकेत हो सकता है। सावधानी ही इससे बचने का उपाय है। -डॉ. अमित गर्ग, प्रभारी, माइक्रोबायोलॉजी लैब मेडिकल कॉलेज 
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एकदम खत्म नहीं होती महामारी
पिछले साल की तरह हालात होंगे ऐसा तो नहीं लगता, क्योंकि अब वैक्सीन आ गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध है। होम आइसोलेशन की भी सुविधा है, लेकिन मरीजों की संख्या फिर बढ़ सकती है। इसकी एक वजह यह भी है कि कोई भी महामारी एकदम खत्म नहीं होती। स्पेनिश फ्लू भी कई साल में खत्म हुआ था। -डॉ. सुधीर राठी, प्रभारी कोविड अस्पताल मेडिकल कॉलेज 
 
निगरानी कर दी शुरू
रेलवे स्टेशन पर केरल और महाराष्ट्र से आने वालों की निगरानी शुरू कर दी गई है। रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। साथ ही शासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि वे इन स्थानों से आ रहे यात्रियों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दें। -डॉ. अखिलेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी 
 
सैनिक समेत कोरोना के छह नए मरीज मिले
कोरोना के मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को 4154 सैम्पलों की जांच की गई। इनमें एक सैनिक समेत कोरोना के छह नए मरीज मिले, जिनमें दो नए केस है और चार पुराने मरीजों के संपर्क वाले। चार स्टूडेंट हैं और एक घरेलू महिला शामिल है। ये मरीज मवाना और पांची के हैं। अब तक 21466 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। 35 लोग होम आइसोलेशन में हैं। कोरोना संक्रमण से 409 लोगों की अब तक जान जा चुकी है। नौ मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 20989 की छुट्टी हो चुकी है।
 
कोरोना : आने वाले 15 दिन रहेंगे अहम 
मेरठ। लखनऊ के अधिकारियों और मेरठ के प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बुधवार को ऑनलाइन मीटिंग हुई। इसमें कहा गया कि आने वाले 15 दिन ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगे। इन दिनों में यदि कोरोना के मरीज बढ़ते हैं तो फिर से कोरोना का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। लिहाजा टेस्टिंग बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि लोगों से एहतियात बरतने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को उन लोगों की रिपोर्ट भी आ जाएगी, जिनके सैंपल रेलवे स्टेशन से मंगलवार को लिए गए थे।
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प्रमुख सचिव ने दी सतर्क रहने की हिदायत 
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य आलोक कुमार ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की। इसमें उन्होंने हिदायत दी कि कोरोना को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं उन्होंने टीबी को खत्म करने के लिए चल रहे अभियान पर गंभीरता से कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। 
 
1625 लोगों ने किया कोरोना से बचाव का इंतजाम 
बुधवार को 34 सत्रों पर 1625 और लोगों ने टीकाकरण कराकर कोरोना से बचाव का इंतजाम कर लिया। इनमें 1239 लोग 60 साल से ज्यादा उम्र वाले रहे, जबकि 386 लोग 45 साल से अधिक और 59 साल से कम उम्र के रहे।

इस तरह अब तक जिले में 84263 लोगों का टीका लगवा चुके हैं। इनमें स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दोनों डोज लग चुकी हैं। 60 साल से ज्यादा उम्र के 27774 लोग शामिल हैं, जबकि 45 साल से ज्यादा और 59 साल से कम उम्र वाले 4075 लोगों को टीका लग चुका है। 

मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल समेत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 15 सत्र लगाकर टीकाकरण किया गया। जबकि 19 निजी अस्पतालों में टीकाकरण किया गया। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 1079 लोगों का टीकाकरण हुआ जबकि निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर 546 लोगों को टीका लगा।

अब मेडिकल, जिला अस्पताल और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सोमवार से शनिवार तक टीकाकरण किया जा रहा है, जबकि अन्य 74 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जिनमें  पीएचसी और अर्बन हेल्थ सेंटर शामिल हैं, इन स्थानों पर 3 दिन सोमवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को टीकाकरण किया जाएगा। अब टीकाकरण के लिए 40 निजी अस्पताल शामिल हैं।
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