मरीजों की सूचना न देने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी
विकास भवन सभागार में जिला प्रशासन के अफसरों के साथ प्राइवेट अस्पताल व प्राइवेट डॉक्टरों की बैठक का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि सभी प्राइवेट अस्पताल व ओपीडी करने वाले सभी प्राइवेट डॉक्टर आईएलआई (इनफ्लुएंजा लाइक इलनेस) व सारी (सीवर एक्यूट रेस्पिरेट्री इनफेक्शन) मरीजों की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को जरूर दें।
उन्होंने कम प्राइवेट अस्पतालों व डॉक्टरों द्वारा यह सूचना उपलब्ध कराए जाने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे कोरोना के मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 170 प्राइवेट अस्पताल हैं जिनमें से 147 प्राइवेट अस्पतालों ने यह सूचना उपलब्ध नहीं कराई है।
उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट अस्पतालों व प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों को किसी मरीज की कोरोना जांच करानी है तो वह सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में भेज सकते हैं या उनको मोबाइल वैन भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर व पूर्व अध्यक्ष डा. तनुराज सिरोही ने कहा कि सभी प्राइवेट अस्पताल व प्राइवेट ओपीडी संचालित करने वाले प्राइवेट डॉक्टर प्राथमिकता पर मरीजों की सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार, डॉ. जेवीएस चिकारा, डा. सुनीता सूरी, डा. रचना टंडन आदि मौजूद रहे।
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