मेरठ में कोराना का कहर शहर से गांवों में पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज में पहले शहर से अधिक मरीज आ रहे थे। लेकिन, अब गांवों से कोरोना पॉजिटिव मरीज आने की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को जिले भर के गांवों में हुई जांच में एक दिन में 1036 लोग बीमार मिले हैं। 187 में कोरोना की पुष्टि हुई है।
घरों में बंद सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिनको बुखार है, लेकिन वह जांच नहीं करा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में काफी संख्या में लोगों की गांवों में मौत हो चुकी है। स्थिति भयावह होती जा रही है। ऐसे में लोग जागरूक नहीं हुए तो कोरोना संक्रमण से स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। पंचायत चुनाव के बाद से गांवों में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। गांवों में अधिकतर लोग बुखार आने पर कोरोना की जांच ही नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना जांच कम होने के कारण स्वास्थ्य विभाग इन्हें कोरोना मौत की श्रेणी में शामिल नहीं कर रहा है। यही वजह है कि कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में गांवों में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। जिस कारण दूसरे लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो गांवों में स्थिति बहुत बिगड़ जाएगी। पंचायत चुनाव के बाद से गांवों में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
सरधना नगर, ईकड़ी, अलीपुर, कुशावली में एक सप्ताह में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। सरूरपुर ब्लॉक के छुर गांव में 45 से 50 लोगों की हाल ही में मौत हो चुकी है। कुशावली गांव निवासी डेयरी संचालक भानू प्रताप कई दिनों से बीमार थे उनकी भी शुक्रवार को मौत हो गई। अलीपुर, कपसाड़, रार्धना, खेड़ा में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। इकड़ी गांव निवासी एडवोकेट सोहित त्यागी ने बताया कि उनके गांव में भी करीब दस से अधिक लोगों की मौत हाल ही में हो चुकी है। सरधना के मोहल्ला बुद्ध बाजार में संजीव गुप्ता की पत्नी की आकस्मिक मौत हो गई।
58538 लोगों से की बात, 1036 मिले बीमार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुक्रवार को दौराला, जानी, परीक्षितगढ़, रोहटा, रजपुरा, मेरठ, हस्तिनापुर, मवाना, सरूरपुर, सरधना, माछरा और खरखौदा क्षेत्र में कोरोना जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, 58,538 लोगों के घर जाकर जानकारी ली गई। इनमें 1036 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। 641 लोगों को होम आइसोलेट किया गया। 1221 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें 187 पॉजिटिव मिले हैं। 1172 लोगों को किट वितरित की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया अंतिम संस्कार
सरधना के दबथुवा गांव में शुक्रवार को 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को कई दिनों से बुखार था। कोरोना होने की संभावना के चलते सरूरपुर सीएचसी से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार कराया। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओपी जसवाल का कहना है कि मृतक 40 वर्षीय सुमित बनर्जी को सांस लेने में परेशानी व बुखार की शिकायत बताई गई थी। सुमित ने कोरोना का टेस्ट नहीं कराया था, लेकिन लक्षण होने के कारण कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार कराया गया। सुमित बनर्जी के शव को बुग्गी में श्मशान ले जाया गया।