पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती
मेडिकल के मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि हैप्पी हाइपोक्सिया का प्रमुख कारण फेफड़ों में खून की नसों में थक्के जम जाना है। इस कारण फेफड़ों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, जिसके चलते ब्लड में ऑक्सीजन सेचुरेशन की मात्रा कम हो जाती है। हाइपोक्सिया के कारण दिल, दिमाग, किडनी जैसे शरीर के प्रमुख अंग काम करना बंद कर सकते हैं। पीड़ित व्यक्ति के होठों का रंग बदलने लगता है, वो लाल से नीले पड़ने लगते हैं।
लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी
मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी से कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं और दिमाग भी चिड़चिड़ा होने लगता है। इसलिए लक्षणों पर लगातार ध्यान देना पड़ता है और जरूरत पड़ने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि अगर आपने इस तरह सिम्टम्स को नजरअंदाज किया तो जान का जोखिम लेना पड़ सकता है।
यह है पहचानने का तरीका
विशेषज्ञ बताते है कि हैप्पी हाइपोक्सिया को पहचानने के लिए अगर आपको कोरोना हुआ है तो रोजाना प्लस ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन चेक करें। छह मिनट तक तेज कदमों से वॉक करें और ऑक्सीजन लेवल चेक करें। अगर चार से पांच लेवल तक ऑक्सीजन कम हो रहा है तो चिकित्सक से संपर्क करें