मेरठ। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए बृहस्पतिवार से डोर टू डोर सर्वे तो शुरू हुआ, लेकिन कई जगह स्वास्थ्य कर्मी खानापूर्ति करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि मयूर विहार के मयूरी अपार्टमेंट में पहुंची टीम की दो महिला सदस्यों ने सिर्फ यही पूछा कि किसी को कोई परेशानी तो नहीं है। इसके बाद दोनों कर्मियों ने अपनी मौजूदगी दर्शाने के लिए मकान के दरवाजे पर खड़िया से कोड लिख दिया। उन्होंने न तो परिवार के सदस्यों की सूची बनाई और न ही थर्मल स्कैनर से कोई जांच की। एक परिवार से बात कर अन्य परिवारों के दरवाजे पर कोड नंबर लिखकर चली गईं। यह तो उदाहरण भर है। शहर में कई जगह इसी तरह से सर्वे हुआ।
दूसरी तरफ, सर्वे अभियान का निरीक्षण जिले के नोडल अधिकारी और आबकारी आयुक्त पी. गुरु प्रसाद ने किया। उन्होंने शहर के राजेन्द्र नगर, नगला बट्टू हेल्थ पोस्ट और हस्तिनापुर के ग्राम गणेशपुर, समस्तीपुर तथा सीएचसी हस्तिनापुर का निरीक्षण किया। वह सुभारती अस्पताल भी पहुंचे। नोडल अधिकारी ने कहा कि घर-घर सर्वे अभियान के तहत ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना के लक्षण हैं या जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उनकी पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद में कोरोना जांच के लिए जा रहे सैंपल की दर बढ़ी है। मृत्यु दर में कमी आयी है। यह अच्छा संकेत है। उन्होंने सुभारती अस्पताल में भर्ती मरीजों से फोन पर बात की। नोडल अधिकारी पवन कुमार ने सरधना क्षेत्र में निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि टीम माइक्रो प्लान के अनुरूप कार्य करे। उन्होंने कहा कि सभी का लक्ष्य कोरोना को हराना होना चाहिए।
12 जुलाई तक चलेगा अभियान
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि अभियान 12 जुलाई तक चलाया जाएगा। इसके लिए 1400 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम रोज 50 घरों का सर्वे सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक करेगी। प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर होगा।
1271 टीमों ने 71108 घरों का किया सर्वे, 429 के सैंपल लिये : सीएमओ
मेरठ। सर्वे के लिए बृहस्पतिवार को 1271 टीमें लगाई गई थीं। इन्होंने 71,108 घरों का सर्वे किया। ऐसे 580 लोग मिले जिनमें खासी, जुकाम और बुखार की शिकायत थी। इनमें 429 के सैंपल लिए गए। इनकी जांच कराई जाएगी। वहीं, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को कुछ लोगों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया।