फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: तबीयत बिगड़ने पर ईंट भट्ठा व्यापारी ने खुद को जंगल में किया क्वारंटीन, अब अस्पताल में चल रहा इलाज

Thu, 06 May 2021 03:56 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव नगला राई निवासी ईंट भट्ठा व्यापारी संजय धीमान ने तबीयत खराब होने पर खुद को अपने भट्टे के पास जंगल में क्वारंटाइन कर लिया था।
विज्ञापन
फाइल फोटो।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव नगला राई निवासी ईंट भट्टा व्यापारी संजय धीमान ने तबीयत खराब होने पर खुद को अपने भट्टे के पास जंगल में क्वारंटीन कर लिया था। वहीं पंचायत चुनाव के दौरान वोट डालने के बाद उसको बुखार आया।

विज्ञापन


इसके बाद उसने खुद को परिजनों से अलग करते हुए जंगल में ही क्वारंटीन कर लिया था। संजय धीमान ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उसने जांच कराई तो वह पॉजिटिव आया। वह अब अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहा है।

उधर, मुजफ्फरनगर के जानसठ में सरकारी अस्पताल की ओपीडी फिलहाल बंद है। जिस कारण प्राइवेट चिकित्सकों के क्लीनिकों पर मरीजों की भरमार है। जिनमें बुखार के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। सरकारी ओपीडी बंद होने से मरीजों को दवाओं के साथ-साथ चिकित्सकों को परामर्श शुल्क भी देना पड़ रहा है।
विज्ञापन


कोरोना महामारी काल में लोगों में बुखार, नजला, जुकाम, खांसी की बीमारी फैल गई है। शहर हो, कस्बा हो या ग्रामीण क्षेत्र हो। अगर आंकलन किया जाए तो, इस तरह के मरीज हर घर में हैं। सरकारी ओपीडी में मरीजों की बीमारियों का उपचार मात्र दो रुपये की पर्ची में और निशुल्क दवाइयों में हो जाता था। अब सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई है, जिससे मरीज अपना इलाज प्राइवेट चिकित्सकों के यहां कराने को मजबूर हैं। मरीजों की भीड़ प्राइवेट चिकित्सकों के क्लीनिकों के बाहर सड़क तक लगी रहती है। घंटों बाद मरीजों का नंबर आ रहा है। हालांकि प्राइवेट चिकित्सक भी कोरोना काल में अपनी जान की बाजी लगाकर अपना फर्ज निभा रहे हैं।

कस्बा एवं क्षेत्र के रहने वाले कैलाश, सतीश, चंदरसिंह, रामपाल, शेरसिंह, पंकज, महिपाल आदि का कहना है कि सरकारी अस्पताल की ओपीडी बंद होने से प्राइवेट चिकित्सक अपना फर्ज निभा रहे हैं। देर रात्रि तक क्लीनिक खुले रहते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें

अजित सिंह: पिता से विरासत में मिली थी राजनीति, फिर ऐसे तय किया केंद्रीय मंत्री तक का सफर

दिलों में अजित सिंह: पश्चिमी यूपी के दिग्गज नेताओं ने निधन पर जताया बड़ा दुख, पढ़िए किसने क्या कहा...

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें