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जनवरी में होगा दीक्षांत, गोल्ड मेडल वाले छात्र बुलाए जाएंगे

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मेरठ। सीसीएसयू में अगले सत्र से यूजी कोर्सों में नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। एक साल की पढ़ाई करने पर सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा और तीन साल में डिग्री दिए जाने का प्रावधान हो जाएगा। इसके साथ ही इस बार यूजी-पीजी फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं का दीक्षांत समारोह जनवरी में होगा। इसमें सिर्फ गोल्ड मेडल वाले छात्र-छात्राएं ही बुलाए जाएंगे। मंगलवार को लखनऊ में राज्यपाल के साथ कई विवि के कुलपतियों की बैठक में ये दिशा निर्देश दिए हैं।
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राजभवन की तरफ से भी विवि के अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि जो शिकायतें विवि को लेकर राजभवन की जाती हैं, उनका जवाब सौ फीसदी स्पष्ट करें। विवि के लंबित 10 मामलों में से तीन का अधिकारियों ने जवाब देते हुए बाकी का निपटारा भी जल्द करने की बात कही। राजभवन की तरफ से सभी विवि के अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में कितने एडमिशन हो रहे हैं, वहां शिक्षकों की क्या स्थिति है। इसको लेकर पूरे पांच साल का रिकॉर्ड मांगा गया है।
विवि के अधिकारियों से अब राजभवन के अधिकारी हर महीने समीक्षा करेंगे। इसके चलते 18 नवंबर को सीसीएसयू के अधिकारियों को फिर बुलाया गया है। राजभवन से निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक समस्याएं वाले कार्यों को ऑनलाइन किया जाएगा। बैठक में सीसीएसयू के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि यहां पर मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन, ट्रांसस्क्रिप्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। आरटीआई में कॉपी देखने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव की तरफ से विवि के अधिकारियों को हर महीने निर्देशों के मुताबिक डाटा भेजने को कहा गया है। मंगलवार को हुई राज्यपाल की बैठक में सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा मौजूद रहे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार मौजूद रहे।
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बना दी हैं समितियां
सीसीएसयू में नए सत्र से नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र आदि बनवाने के लिए कैंपस नहीं आना पड़े, इसको लेकर ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की जा चुकी है। जिन जगहों पर ऐसा नहीं हुआ है, वहां भी जल्द ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कराई जाएगी। राजभवन से आने वाली शिकायतों पर जो समितियां बनाई गई हैं। - प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू
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