इसी दौरान रहमान पठान के प्रेम संबंध धर्मशाला संचालक की बेटी से हो गए, जिसके बाद उसकी सहेली के संबंध वसीम से बन गए। इन संबंधों की जानकारी मिलने पर परिजनों ने दोनों की शादी कर दी थी, लेकिन उनके प्रेम संबंध बरकरार रहे और करीब डेढ़ साल पूर्व पहले एक महिला अपने पति को छोड़ रहमान पठान के साथ खतौली आ गई और धर्मांतरण कर अपना नाम जोया रख लिया।
इसके कुछ समय बाद ही दूसरी सहेली भी पति को छोड़ वसीम के साथ आ गई और धर्मांतरण कर अपना नाम अंजुम रख लिया। इन्हीं नामों से दोनों के फर्जी कागजात भी तैयार कर लिए गए। दोनों ही मामलों में हमीरपुर के राठ थाने में दोनों सहेलियों के अपहरण में रहमान पठान व वसीम के खिलाफ नामजद मुकदमे दर्ज हैं। गुरुवार को हमीरपुर पुलिस दोनों महिलाओं को लेकर लौट गईं, जहां उनके बयान दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन्होंने कहा
सीओ राकेश सिंह ने बताया कि दोनों महिलाओं के अपहरण के मुकदमे पहले ही हमीरपुर में दर्ज हैं। इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी, वह हमीरपुर पुलिस के स्तर से ही होगी। यदि हमीरपुर पुलिस को किसी तरह की मदद की जरूरत होगी, तो उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।