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मेरठ: छावनी की शिव बरात में ‘लव जिहाद’ के डोले पर विवाद, पुलिस के रोकने पर हिंदू संगठनों का हंगामा

Fri, 09 Oct 2026 12:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में छावनी रामलीला की शिव बरात में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ डोला शामिल करने को लेकर विवाद हुआ। पुलिस ने डोला शामिल नहीं करने की हिदायत दी, जबकि मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
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लव जिहाद का डोला निकालने पर विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में छावनी रामलीला की ओर से निकलने वाली शिव बरात में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ डोला शामिल करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने आयोजकों को डोला शामिल नहीं करने की हिदायत दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध जताया और डोला शामिल करने की मांग पर अड़ गए। 

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संगठनों ने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। बालाजी मंदिर के महंत महेंद्र दास ने कहा कि डोले के जरिए परिवारों की बेटियों को जागरूक करने और उन्हें अपने धर्म से जुड़े रहने का संदेश देने का उद्देश्य है।

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शिव बरात में डोले को लेकर विवाद
छावनी रामलीला की ओर से निकलने वाली शिव बरात में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ संदेश देने वाला डोला शामिल करने की तैयारी की गई थी। इसे लेकर विवाद हो गया। पुलिस ने डोला शामिल नहीं करने की हिदायत दी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।

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हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
पुलिस की हिदायत के बाद हिंदू संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने कहा कि डोला शिव बरात में शामिल किया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई।

महंत महेंद्र दास ने बताई डोला लगाने की वजह
बालाजी मंदिर के महंत महेंद्र दास ने कहा कि डोला परिवारों की बेटियों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया है। उनके अनुसार, इसके जरिए बेटियों को संबंधित विषय की जानकारी देने और अपने धर्म से जुड़े रहने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि कई घंटे चली गहमागहमी के बाद में पुलिस के समझाने और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप करने के बाद पर लव जिहाद को धर्मांतरण किया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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