मेरठ। विद्युत विभाग में छंटनी के विरोध में आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मचारियों का ऊर्जा भवन पर धरना गुरुवार को भी जारी रहा। यह आंदोलन आज नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता व प्रबंध निदेशक से कर्मचारियों की वार्ता विफल हो चुकी है।
निविदा-संविदा कर्मचारी सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हो रहा है। इसमें बागपत व बुलंदशहर के संविदा कर्मचारी भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने हड़ताल पर रहकर विद्युत अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। कर्मचारियों का कहना है कि काम बढ़ने के बावजूद उनकी संख्या घटाई जा रही है। मेरठ शहर में उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों व उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कर्मचारियों की कटौती व्यावहारिक नहीं है।
कर्मचारियों की संख्या में कटौती
कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत विभाग में आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मचारियों की संख्या में कमी की जा रही है। पूर्व में कार्यरत 603 कर्मचारियों की संख्या 2026 में घटाकर 435 कर दी गई है। इससे कुल 168 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र से भी 25 कर्मचारियों को हटाया गया है। कर्मचारियों के अनुसार, इससे विद्युत व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और हटाए गए परिवारों पर आर्थिक संकट आएगा। इस अवसर पर रविंद्र त्यागी, अमित खारी, विनोद, रोहित, शिवम, मोहसिन, फैसल, मुदस्सिर आदि उपस्थित रहे।