शहर के मुख्य मार्गों पर लगने वाला जाम बड़ी समस्या है। जाम के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैवाहिक सीजन में इन मार्गों पर और बुरा हाल हो जाता है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने 20 शहरों की 172 मार्गों को जाम मुक्त करने के निर्देश देते हुए कहा था कि बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या के कारण जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसके चलते तकनीक आधारित योजना लागू की गई है। इन मार्गों पर ट्रैफिक निरीक्षक या उपनिरीक्षक स्तर का एक रूट मार्शल तैनात किया जाएगा। यह ट्रैफिक को सुचारु रखने की जिम्मेदारी संभालेगा। इन मार्गों को जाम मुक्त करने के लिए यातायात पुलिस जागरूकता लाने, सख्ती से नियमों को लागू करने, सड़कोें की मरम्मत कराने, अतिक्रमण हटाने, तकनीक का इस्तेमाल कर और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित कर जाम मुक्ति का प्रयास करेगी।
एआई की लेंगे मदद, यात्रा का समय घटाएंगे
योजना के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यातायात को रियल टाइम में मॉनिटर किया जाएगा। इससे जाम वाले स्थानों की तुरंत पहचान हो सकेगी और अधिकारी अपने मोबाइल पर इसे देख पाएंगे। पीक आवर्स में यात्रा का समय कम से कम 20 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों का समय और ईंधन बचेगा और प्रदूषण कम होगा। एंबुलेंस आदि को भी जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
इन दस मार्गों पर चलेगा अभियान
बेगमपुल से टीपीनगर गेट
टीपीनगर गेट से बागपत फ्लाईओवर मलियाना पुल
हापुड़ अड्डे से बिजली बंबा बाईपास
बिजली बंबा बाईपास से शॉप्रिक्स मॉल
कंकरखेड़ा से सरधना फ्लाईओवर
कंकरखेड़ा से मोदीपुरम खिर्वा कट
साकेत से बक्सर चौराहा
साकेत से तेजगढ़ी
बागपत अड्डे से जानी नहर तक
ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों संग करेंगे बैठक
दस मुख्य मार्गों को जाम मुक्त करने के लिए चिहिन्त किया गया है। जागरूकता के लिए ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों संग बैठक की जाएगी। जिससे ओवरलोड वाहनों के आवागमन का समय तय हो और अतिक्रमण हटाया जा सके। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत के लिए नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी।
राघवेंद्र कुमार मिश्र, एसपी यातायात