मेरठ। निगम में पंजीकृत ठेकेदारों ने निविदा प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाकर नाराजगी जताई। साथ ही बैठक भी की। उन्होंने कहा कि निगम निविदा मनमाने ढंग से तैयार की जा रही हैं। बाहर के ठेकेदारों से सेटिंग करके उनको काम दिया जा रहा है जबकि स्थानीय ठेकेदार इनमें भाग लेने से वंचित रह जाते हैं। स्थानीय ठेकेदारों ने निगम में मनमानी बंद न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
कांट्रेक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष अतुल दीक्षित ने बताया कि नगर निगम विभिन्न कामों के लिए बड़े पैमाने पर एकमुश्त निविदाएं निकाल रहा है। शहर के कई पार्कों में झूले लगाने जैसे काम एक ही निविदा में शामिल हैं। चौराहों के विकास कार्यों को भी एक बड़े पैकेज का हिस्सा बनाया जा रहा है। यदि इन कामों को जोन या वार्ड स्तर पर बांटा जाता तो स्थानीय ठेकेदार भी आसानी से भाग ले सकते थे।
आरोप है कि निगम का निर्माण विभाग बड़े बजट की निविदा बाहरी बड़ी कंपनी को लाभ पहुंचा रही हैं। इससे वर्षों से निगम के साथ काम कर रहे छोटे और मध्यम श्रेणी के ठेकेदारों को काम नहीं मिल पा रहा है। निगम द्वारा निकाली जा रही एकमुश्त निविदाएं स्थानीय ठेकेदारों के लिए बाधा बन गई हैं। ठेकेदार ने कहा है कि वर्तमान निविदा प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे स्थानीय ठेकेदारों को समान अवसर मिलेंगे और वे प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। इस दौरान राकेश गौड़, ब्रजेश गुप्ता, दलजीत बत्रा और राजू अरोड़ा आदि मौजूद रहे।