नगर निगम की सड़कें बनाने के लिए नहीं मिल रहे ठेकेदार
मेरठ। नगर निगम की सड़कें बनाने के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। 15वें वित्त आयोग से होने वाले 15 विकास कार्यों के टेंडर में से मात्र चार की ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई है, बाकी 11 कार्यों के टेंडर दोबारा से निकाले जा रहे हैं।
15वें वित्त आयोग से महानगर में 22 करोड़ रुपये की धनराशि से 15 सड़कों का निर्माण किया जाना है।
विकास कार्यों के लिए निगम ने पिछले माह जून में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें चार कार्यों के लिए ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाई थी, बाकी 11 कार्यों के लिए किसी के लिए एक तो किसी के लिए दो ठेकेदारों ने प्रतिभाग किया। इस कारण टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। बताया यह भी जा रहा है कि तारकोल की सड़क बनाने वाले ठेकेदारों की संख्या कम है। आपसी गठजोड़ कर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
ठेकेदार ने समय से अनुबंध नहीं किया तो लगेगा जुर्माना
मेरठ। विकास कार्यों के टेंडर लेने के बाद एक सप्ताह में अनुबंध न कराने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए नगरायुक्त मनीष बंसल ने चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार को निर्देश दिए हैं। नगरायुक्त का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा समय से अनुबंध न कराने के कारण विकास कार्यों में देरी होती है। अब ऐसे ठेकेदारों से भुगतान के समय कुछ धनराशि की कटौती की जाएगी।
इसके साथ साथ पुलिया निर्माण करते समय सफाई के लिए एक चैनल लगाना भी अनिवार्य होगा। चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि आदेश प्राप्त हो चुका है, कार्रवाई की जाएगी।