मेरठ मेडिकल कॉलेज को कई बार एम्स जैसा बनाए जाने के दावे किए जा चुके हैं, लेकिन मेडिकल के वर्तमान हालात से ऐसा संभव होता नहीं लग रहा है। दरअसल, मेडिकल कॉलेज में 74 करोड़ रुपये से ज्यादा के निर्माण और सुधार कार्य अभी तक अधूरे पड़े हैं। पांच निर्माण कार्य ऐसे हैं, जो बीच में ही अटके हुए हैं, जबकि एक निर्माण कार्य ऐसा है, जो अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है। यह कब पूरे या शुरू हो पाएंगे, इसकी भी अभी तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। कई निर्माण कार्य तो ऐसे हैं, जिन्हें पूरा करने की समय अवधि भी पूरी हो चुकी है।
कोई 41 प्रतिशत पूरा तो कोई 55 प्रतिशत
10 नग मॉड्यूलर ओटी का उच्चीकरण होना है। इसकी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड है। अभी तक यह करीब 85 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। मेडिकल कॉलेज का जीर्णोद्धार 55 प्रतिशत और नर्सिंग कॉलेज का जीर्णोद्धार 41 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। यह सभी कार्य यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड कर रही है। लेक्चर थियेटर व केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण कार्य 85 प्रतिशत पूरा हो पाया है। यह निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड कर रहा है। रिसेप्शन हॉल का कार्य शुरू हुए करीब आठ माह का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत कार्य ही संपन्न हुआ है। समय से कार्य पूरा करने में सिर्फ तीन माह बाकी हैं। वहीं, बर्न यूनिट शुरू हुए दो माह हो चुके हैं और सिर्फ तीन प्रतिशत कार्य संपन्न हुआ है। समय से पूरा होने में इसे सिर्फ पांच माह का समय बाकी है। भवन मरम्मत का कार्य भी सिर्फ 49 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।