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Meerut News: तारापुर से फतेहपुर प्रेम मार्ग का निर्माण अधूरा छोड़ा

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तारापुर से फतेहपुर प्रेम गांव के बीच पीडब्ल्यूडी द्वारा अधूरी छोड़ी गई सड़क स्रोत संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। तारापुर से फतेहपुर प्रेम गांव तक जाने वाले करीब साढ़े चार किलोमीटर के मुख्य संपर्क मार्ग को पीडब्ल्यूडी ने दोनों किनारों से तो दुरुस्त कर दिया, लेकिन बीच का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया है। इससे आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खादर क्षेत्र के गंगा किनारे बसे फतेहपुर प्रेम गांव का मुख्य मार्ग अगस्त 2025 में आई भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। बाढ़ के बाद यह मार्ग जगह-जगह से कट गया था, जिससे ग्रामीणों का संपर्क लगभग टूट गया था। ग्रामीणों की लगातार मांग और शिकायतों के बाद पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग के निर्माण कार्य को शुरू कराया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष सुंदर सिंह विर्क व ग्रामीण सहकारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने तारापुर में मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों किनारों और दूसरे छोर पर फतेहपुर प्रेम गांव की ओर निर्माण कार्य कर दिया। लेकिन बीच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। इसी अधूरे हिस्से में पत्थर, गड्ढे, कीचड़ और उबड़-खाबड़ सतह बनी हुई है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है।
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यह मार्ग करीब आधा दर्जन गांवों तारापुर, फतेहपुर प्रेम, बड़ी चामरोध, छोटी चामरोध, हरिपुर सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। अधूरी सड़क के कारण स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजमर्रा की आवाजाही करने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बारिश होने पर स्थिति और भी खराब हो जाती है, क्योंकि बीच का हिस्सा दलदल में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द अधूरे हिस्से को पूरा कराने की मांग की है।
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पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर मार्ग का निर्माण पूर्ण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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