सुरक्षा में सेंध की साजिश, फौजियों को ही बनाया गया निशाना
मेरठ। सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए दुश्मन सैनिकों को हनी ट्रैप में फंसाने की साजिश रचते हैं। नौचंदी थाने में सामने आए मामले में भी हनी ट्रैप में सिर्फ फौजी ही निशाने पर थे। इसे सुरक्षा में सेंध की साजिश माना जा रहा है। आईबी और एटीएस ने आरोपी युवती आरती और उसके साथी अंकुर से पूछताछ कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजी गई युवती बीएससी तक पढ़ी है और अच्छी अंग्रेजी बोलती है। उसने फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अधिकांश दोस्त फौजी ही बनाए हैं। युवती ने बताया कि जिस फौजी को उसने हरियाणा से मेरठ बुलाया था, वह एक साल से उसके संपर्क में था। वह उससे लगातार मोबाइल पर बात करती थी। युवती पहले एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी। वहीं अंकुर से मुलाकात हुई थी। बाद में दोनों मिलकर फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने का काम करने लगे। सुरक्षा एजेंसियां पता लगा रही हैं कि फौजी से युवती ने कहीं कोई ऐसी जानकारी तो नहीं ली, जो देश की सुरक्षा से जुड़ी हो।
युवती के सोशल नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने युवती के फेसबुक व इंस्टाग्राम की जांच के लिए साइबर सेल से संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि युवती के पांचों मोबाइल में अलग-अलग आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम का अकाउंट बना है। इंस्पेक्टर नौचंदी संजय वर्मा के अनुसार पूछताछ में आरोपी युवती ने दो फौजियों के नाम बताए, जिनको वह मेरठ बुलाकर ठगी कर चुकी है। इसके अलावा भी कई फौजी व अन्य युवक भी हनी ट्रैप के शिकार हुए हैं।
ईशा गुप्ता और ऋचा गुप्ता के नाम से आईडी
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती आरती के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक ही अकाउंट बना है। इसके अलावा उसने ईशा गुप्ता और ऋचा गुप्ता के नाम से भी अकाउंट बना रखे हैं। उसने युवती फौजियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती थी। पुलिस का दावा है कि नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद युवती ने इंस्टाग्राम का एक अकाउंट डिलीट कर दिया था।
टिकटॉक पर वीडियो में फंसा था फौजी
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती टिकटॉक और अन्य साइट पर वीडियो बनाकर वायरल करती थी। एक साल पहले टिकटॉक पर वीडियो को लाइक करने पर युवती ने फौजी से संपर्क किया। तभी से दोनों फोन पर बातचीत करते थे। युवती टिकटॉक पर वीडियो बनाकर उसे लाइक या शेयर करने वालों का नंबर सर्च कर लेती थी। युवती की करीब एक हजार से ज्यादा वीडियो टिकटॉक और अन्य साइट पर हैं।
फौजियों को देखकर फेंक देती थी चिट्ठी
पुलिस ने बताया कि आरोपी अंकुर ने करीब एक साल से आरती को शास्त्री नगर स्थित एक फ्लैट में रखा था। आरती के अनुसार सोशल साइट और बाजारों में शॉपिंग करने आए फौजियों को देखकर एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर फेंक देती थी। फौजी पर्ची उठाने के बाद में उससे संपर्क करते थे। आरोपी युवती के पास से कई चिट्ठियां मिली हैं। चिट्ठी में वह बदला हुआ नाम ईशा लिखती थी।
पूरे मामले की जांच
अविवाहित युवती का किस-किस से कनेक्शन हैं और वह परिवार से दूर शास्त्री नगर में किस उद्देश्य से रह रही थी। इसकी भी जांच की जा रही है।
- डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी