इस संबंध में एडीओ पंचायत राजेंद्र कुमार का कहना है कि भूसे के अलावा हरे चारे का भी समय से प्रबंध कराते हैं। ठंड से बचने के लिए बोरी के कवर दिए गए हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमरदीप सिंह ने बताया यह मौसम बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा माना जाता है। गोशालाओं में सभी का टीकाकरण करा दिया था। आहार की व्यवस्था शासन द्वारा दी जा रही राशि से विकास खंड स्तर से की जा रही है।
खेड़ी में ठंड से पशुओं को बचाने के नहीं किए गए उपाय
बुढ़ाना के फतेहपुर खेड़ी गांव की गोशाला की व्यवस्था चिंताजनक है। गोशाला में मौजूद गोवंश को ठंड से बचाने के उचित उपाय नहीं किए गए है। गोशाला में एक गाय बीमार है। बीमार गाय को ठंड से बचाने के लिए भी उचित संसाधन नहीं है। गोशाला में 20 गोवंश रखे जाने की व्यवस्था है। वर्तमान में गोशाला में नौ गोवंश हैं।
मीरापुर में सड़कों पर घूम रहे गोवंश
मीरापुर कस्बे में पशु चिकित्सालय के बराबर में बन रही गोशाला का निर्माण कई माह बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस कारण कई गोवंश कड़ाके की सर्दी में भी बेसहारा हालत में इधर-उधर घूम रहे हैं। नगर पंचायत द्वारा पानी की टंकी के पास करीब 40 गोवंशों को ही ठिकाना मिला हुआ है। किंतु बेसहारा घूम रहे गोवंशों पर उनकी नजर नहीं पड़ रही है। चेयरमैन तंजीला कुरैशी का कहना है कि ईओ का पद खाली चलने के कारण इस कार्य में देरी हुई है।
भोपा में हरा चारा नहीं मिल रहा
भोपा कस्बा स्थित गोशाला की अव्यवस्था गोवंश पर भारी पड़ रही है। यहां पशुओं के चारा काटने की मशीन खराब पड़ी है। साथ ही विद्युत कनेक्शन नहीं होने से विद्युत व्यवस्था भी नहीं है। पानी के लिए भी पानी का हौज हाथों से नल चलाकर भरना पड़ता है। यहां पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी खराब पड़े हैं। व्यवस्था में लगे कर्मचारी ने बताया कि गोवंश को भूसा खिलाया जा रहा है। इस समय 15 गोवंश गोशाला में मौजूद है।
यह भी पढ़ें: यूपी: अपराधियों ने बदले अपराध करने के तौर-तरीके, वारदात खोलने में छूट रहे पुलिस के पसीने