मेरठ। पीवीवीएनएल ने राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए डिस्कनेक्शन अभियान चला रखा है। अभियान में लगी टीम डिस्कनेक्शन के फेर में जमा बिल वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी काट रही है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को परेशानी होती है बल्कि कनेक्शन जुड़वाने के लिए 300 रुपये फीस भी देनी पड़ती है। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही चलने से पीवीवीएनएल अधिकारियों ने राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। इसके लिए बिजली बिल बकायेदारों की सूची तैयार कर जेई को सौंप दी गई है। जेई ने इस सूची को लाइनमैनों को सौंप दिया है। लाइनमैन उपभोक्ता को बिना सूचना दिए ही खंभे से कनेक्शन काट रहे हैं। इस कड़ी में उन उपभोक्ताओं का कनेक्शन भी कट रहा है जो इस प्रक्रिया के बीच अपना बिल जमा कर चुके हैं। सूची अपडेट नहीं होने के चलते लाइनमैनों को इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ता जमा बिल की रसीद लेकर अधिकारियों से शिकायत करने पहुंचते हैं, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं होती है।
लिसाड़ी गेट बिजलीघर क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी उपभोक्ता शौकीन अंसारी, गोला कुआं निवासी अरशद और सेंट लुक्स बिजलीघर क्षेत्र निवासी उपभोक्ता हरवीर सिंह आदि ने बताया कि उनका कनेक्शन तब काटा गया जब बकाया बिल जमा हो गया था। इसके बाद वे जमा रसीद लेकर शिकायत करने पहुंचे तो वहां से कोई राहत नहीं मिली। कनेक्शन जोड़ने के लिए 300 रुपये फीस देनी पड़ी।
क्या बोले अधिकारी
बकायेदारों की सूची लगातार अपडेट करने के लिए बोला गया है। अगर कोई उपभोक्ता अपना बिल जमा कर देता है तो उसका नाम बकायेदारों की सूची से कटना चाहिए। अगर कहीं ऐसे उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है तो वे इसका संज्ञान लेकर इसे ठीक कराएंगे। - एसबी यादव, मुख्य अभियंता मेरठ जोन