वारदात से पहले पांच मार्च को जाहिद लंबू का साला जिशान हर्रा गांव से बाइक पर शादाब को बरनावा बस स्टैंड पर छोड़कर गया था। शादाब बरनावा बस द्वारा बागपत पहुंचा। यहां उसे जाहिद लंबू की पत्नी शहनाज व साले अहसान और रिहान मिले। थोड़ी ही दूरी पर उन्हें विक्की पिचौकरा व बूटन हर्रा मिले। यहां से सभी शहनाज के साथ उसके घर गए। शहनाज ने अपने भाई रिहान को मुन्नी बेगम के घर लोकेशन लेने के लिए भेजा। रिहान ने फोन कर शहनाज को बताया कि मुन्नी घर पर ही है। इसके बाद शहनाज ने विक्की, शादाब व बूटन को मुन्नी के हत्या करने के लिए भेज दिया। तीनों बाइक पर सवार होकर आए और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मुन्नी बेगम की हत्या कर दी।
जेल से ही फोन करता था जाहिद लंबू
आरोपी जाहिद पुत्र हासिम फेरी पर कपड़े बेचने का काम करता है। उसने बताया कि जेल में बंद जाहिद उर्फ लंबू ने उसे मुन्नी की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा था। जाहिद लंबू जेल से मोबाइल फोन पर मुन्नी के बारे में जानकारी लेता रहता था। जाहिद लंबू ने जेल से कई बार उसे फोन किए। हत्या के दिन भी वह शहनाज के साथ ही था।
मोबीन को सता रहा है हत्या का डर
मुन्नी बेगम के पति मोबीन ने बताया कि जेल में बंद जाहिद लंबू उसकी भी हत्या की योजना बना रहा है। उसे आए दिन धमकियां मिल रही हैं। डर के कारण कारोबार भी ठप पड़ा है और परिवार को भूखे मरने की नौबत हो गई है। यदि वह मजदूरी करने जाता है तो जाहिद लंबू उसकी हत्या करा देगा।
शहनाज व मुन्नी में होता था झगड़ा
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मुन्नी बेगम व जाहिद उर्फ लंबू के बीच काफी दिनों से रंजिश चल रही है। दो मामलों में मुन्नी ने उसके साथ समझौता कर लिया था। अब जाहिद लंबू की पत्नी शहनाज व मुन्नी बेगम केतीपुरा मोहल्ले में अलग-अलग मकानों में रह रही थी। दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। जाहिद लंबू को यह अच्छा नहीं लगता था। इस झगड़े से छुटकारा पाने के लिए ही उसने मुन्नी की हत्या कराई है।
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