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थानेदार पर रौब, कहा- मैं DIG हूं मुझे 50 हजार रुपए दे दो, फिर ऐसे खुला राज

Wed, 14 Mar 2018 05:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया फर्जी डीआईजी विशांत त्यागी - फोटो : अमर उजाला
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सूट-बूट पहने खुद को आईपीएस बता एक व्यक्ति घंटों तक हाफिजपुर पुलिस पर रौब डालता रहा। इस दौरान पुलिसकर्मी उसकी जी हजूरी में लगे रहे। जब फर्जी आईपीएस ने थाना प्रभारी से कार ठीक कराने के नाम पर पचास हजार रुपये मांगे तो मामला खुल गया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

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पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीओ पवन कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे सूट-बूट पहने एक व्यक्ति हाफिजपुर थाने पहुंचा और खुद को डीआईजी बताते हुए परिचय दिया। उसने अपना नाम एसके अग्रवाल बताते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र कैडर से हैं और फिलहाल नागपुर में तैनात हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के थाने में पहुंचने की सूचना पर यहां हड़कंप मच गया। अधिकारी के सम्मान में थाने में मौजूद स्टाफ खड़ा हो गया। प्रोटोकाल के तहत थाना प्रभारी ने भी अपनी कुर्सी छोड़ दी। 

करीब दो घंटे तक कथित डीआईजी साहब रौब डालते रहे। उसके बाद उन्होंने बताया कि वे यहां से गुजर रहे थे और उनकी कार अचानक खराब हो गई। ऐसे में कार ठीक कराने के लिए उसे 50 हजार रुपये की आवश्यकता है। थाना प्रभारी रवि रतन सिंह से रुपये मांगने पर उन्हें शक हुआ। उसके बाद थाना प्रभारी ने कथित डीआईजी से उसका सीयूजी नंबर और पता पूछा तो वह हड़बड़ा कर कुर्सी से उठ कर थाने से बाहर जाने लगा। तभी एसआई अरमान अहमद व सुरेंद्र सिंह ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम विशांत त्यागी निवासी मोहल्ला रामनगर गेट कस्बा परीक्षितगढ़ मेरठ बताया। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी कार्ड भी बरामद किए हैं।
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हरियाणा में कर चुका ठगी

फाइल फोटो
सीओ पवन कुमार ने बताया कि फर्जी आईपीएस विशांत हरियाणा के सोनीपत में कुछ युवकों को पुलिस में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी कर चुका है। कुछ से मोटी रकम वसूलने वाला था।

स्कार्पियो पर भारत सरकार
विशांत की स्कार्पियो पर भारत सरकार लिखा है। परीक्षितगढ़ के विशांत के पड़ोसी बताते हैं कि विशांत जब दिल्ली से आता था तो खुद को उच्च पद पर बताता था। उसके धंधे के बारे में किसी को नहीं पता था।

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