बुधवार को मुकदमे की तारीख पर जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को पुलिस जजी के गेट से दबोच लाई और थाने लाकर चार घंटे तक पूछताछ की। धारा 41 का नोटिस देकर उन्हें छोड़ा गया। पुलिस के मुताबिक शेरबाज पठान ने बिजनौर में उपद्रव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तमाम लोगों को मोबाइल से कॉल करके उकसाया था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आ चुकी है।
शेरबाज पठान को इस मामले में अब आरोपी बनाया गया है। धारा 41 का नोटिस देकर उन्हें इसलिए छोड़ा गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जब चाहे उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है। हालांकि पूछताछ के दौरान शेरबाज पठान उपद्रव में अपनी भूमिका होने से इंकार करते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
सपा लोहिया वाहिनी के पूर्व प्रदेश सचिव हनी फैसल की भी बवाल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका जांच के दौरान पाई गई है। उन्होंने भी बिजनौर में बवाल कराने के लिए मोबाइल से फोन कॉल करके लोगों को खूब उकसाया था। पुलिस हनी फैसल की भी तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक हनी फैसल के खिलाफ भी लोगों को भड़काने के तमाम सबूत मिल गए हैं।
शहर कोतवाल रमेश चंद्र शर्मा के मुताबिक कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने लोगों को भड़काकर बिजनौर में बवाल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस शेरबाज पठान से जुड़े लोगों को भी खंगाल रही है। हनी फैसल के खिलाफ भी लोगों को भड़काने के तमाम सबूत मिले हैं।