एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पीएफआई द्वारा संचालित संगठन के शाहीन बाग दिल्ली स्थित कार्यालय की जानकारी जुटा ली गई है।
पीएफआई से जुड़े कई लोग शाहीन बाग में रहते हैं। ईडी और एटीएस ने दिल्ली पुलिस से भी इसका रिकॉर्ड मांगा है। हालांकि अभी मेरठ के बैंकों से रिपोर्ट नहीं मिली है।
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भीड़ हिंसा होने की फैलाई थी अफवाह : पीएफआई के जडे़ं पुलिस खंगाल रही है। पुलिस ने बताया है कि जून 2019 में झारखंड में भीड़ हिंसा होने पर पीएफआई ज्यादा सक्रिय हुआ था।
लखनऊ में पीएफआई ने एक धार्मिक स्थल पर पोस्टर लगाकर लोगों को उकसाने का काम किया था। उसके बाद ही पीएफआई ने अपना नेटवर्क बढ़ा लिया था।
30 जून 2019 को भीड़ हिंसा के विरोध में मेरठ में भी बवाल कराने की साजिश हुई थी। जिसमें युवा सेवा समिति अध्यक्ष बदर अली समेत 35 लोग जेल भेजे थे। अयोध्या प्रकरण और फिर सीएए लागू होने पर 20 दिसंबर 2019 को साजिश के तहत हिंसा की साजिश रची गई।
एसएसपी ने जारी की सूची
एसएसपी ने बताया है कि पीएफआई से जुड़े 21 आरोपी वसीम, नूरहसन, अब्दुल हाशमी, अमजद, जावेद, मुफ्ती सज्जाद, इरफान मौलाना, शुऐब, कारी ओसामा, डॉ. नूर हसन, मुनीर आलम, नदीम, अनीस खलीफा, अनस, परवेज, मोहसिन कुरैशी, अरमान, अकबर, शहजाद, आस मोहम्मद और मुस्तकीम को जेल भेजा गया है। मेरठ में पीएफआई से जुड़े 40 लोग रडार पर हैं।