प्रदर्शन करते रालोद और कांग्रेस कार्यकर्ता
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बिजनौर में पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमतों के खिलाफ कांग्रेसियों ने तपती दोपहरी में अर्द्धनग्न होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कीमतों में वृद्धि को जनता से जबरन वसूली बताया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को देते हुए बढ़ी कीमतें वापस लेने की मांग की।
कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेसियों ने पार्टी कार्यालय में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि तीन महीने में पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पादन शुल्क और कीमतों में बार बार अनुचित वृद्धि कर जनता को परेशान किया जा रहा है।
एक ओर देश स्वास्थ्य और आर्थिक महामारी से लड़ रहा है, तो दूसरी ओर जनता से तेल मूल्य में वृद्धि के नाम जबरन वसूली की जा रही है। जब मोदी सरकार केंद्र में आई थी तब एक लीटर डीजल पर उत्पाद शुल्क 3.46 व पेट्रोल पर 9.20 रुपये था।
अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 23.78 रुपये व डीजल पर 28.37 रुपये कर दिया गया है। कीमतों में बढ़ोतरी करके सरकार ने छह साल में 18 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल के दाम 30 रुपये प्रति लीटर होने के बाद भी जनता से 80 रुपये प्रति लीटर वसूले जा रहे हैं।
इसके बाद कांग्रेसी बैराज रोड पर पहुंचे। बीएसए कार्यालय पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति से डीजल व पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, मीनू त्यागी, नजाकत अल्वी, युवा लोकसभा अध्यक्ष हुमायूूं बेग, यादराम सिंह चंदेल, चितवन शर्मा, विशाल कुमार, अब्दुल समद आजाद, नईम शाह, सुमेर सिंह आदि मौजूद रहे।