पत्राचार और कार्यक्रम प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद, प्रशासन कर रहा जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका इन दिनों विवादों का केंद्र बनी हुई है। पालिका अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला और वरिष्ठ लिपिक विपिन कुमार शर्मा के बीच कार्य और जिम्मेदारियों को लेकर विवाद जारी है।
बृहस्पतिवार को पालिका सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई जानी थी। ईओ ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ लिपिक ने कार्यक्रम से पूर्व उन्हें जानकारी दिए बिना पत्र जारी कर चेयरपर्सन, सभासदों और गणमान्य लोगों को उपस्थित होने के लिए सूचना भेजी। ईओ के पहुंचने तक कार्यक्रम आयोजित हो चुका था। हालांकि, वरिष्ठ लिपिक ने पूर्व प्रधानमंत्री को पुष्प अर्पित किया। इस दौरान समाजसेवी सूर्यदेव त्यागी ने ईओ पर देरी से कार्यक्रम स्थल पहुंचने को लेकर कई आरोप भी लगाए। ईओ ने वरिष्ठ लिपिक को कड़ी फटकार लगाई।
वरिष्ठ लिपिक का विवादों से गहरा नाता
नगर पालिका में वरिष्ठ लिपिक के पद पर करीब 25 वर्षों से तैनात विपिन कुमार शर्मा का विवादों से पुराना नाता है। पहले भी उन्हें कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया था। राजनीतिक रसूख के चलते कुछ समय बाद उन्हें फिर से वरिष्ठ लिपिक की जिम्मेदारी दी गई। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण के साथ भी उनके कार्य को लेकर विवाद हुआ था। ईओ दीपिका शुक्ला ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि वरिष्ठ लिपिक कार्यालय में राजनीतिक द्वेष पैदा कर रहे हैं। लिपिक सभी पटल के कार्यों में हस्तक्षेप कर विवाद पैदा कर रहे हैं। ईओ ने बताया कि कुछ यूट्यूबरों के माध्यम से उनके खिलाफ मनगढ़ंत कहानी फैलाकर छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। पालिका कर्मचारी दो समूहों में बंट गए हैं। एक खेमा वरिष्ठ लिपिक के साथ और दूसरा ईओ दीपिका शुक्ला के साथ है। पालिका ठेकेदार यूनुस और चेयरपर्सन पति निजाम अंसारी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की एसडीएम जांच कर रहे हैं।
वरिष्ठ लिपिक विपिन शर्मा का कहना कि बृहस्पतिवार सुबह ईओ किसी कारण से कार्यक्रम में देरी से पहुंचीं। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल कुछ लोगों ने विरोध जताया। उन्हें सार्वजनिक रूप से डांटा गया। ठेकेदार से साठगांठ और कर्मचारियों को भड़काने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
बयान...
नगर पालिका से ही कार्यक्रम की जानकारी का पत्र जारी किया गया था। ईओ द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और यदि उनके पास कोई साक्ष्य है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -सबीला बेगम, चेयरपर्सन