मेरठ। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे मेरठ में जहां से शुरू हो रहा है उसका निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। परतापुर इंटरचेंज ही एक्सप्रेसवे का मुख्य केंद्र है। अमर उजाला ने अपने शुक्रवार के अंक में इसके नक्शे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसमें शहरवासियों को पता लग पाया कि किस तरह से मेरठ में आने वाले ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे की ओर जाना है। इसमें मेरठ से एक्सप्रेसवे की ओर जाने पर काफी लंबा जाने के बाद यू-टर्न का विकल्प दिया गया है। इससे जाम की स्थिति बनेगी।
इसके अलावा अन्य कई स्थानों पर भी जाम की स्थिति बनेगी। परतापुर इंटरचेंज पर मिट्टी लेवलिंग का कार्य किया जा रहा है। इंटरचेंज का ढांचा बनकर खड़ा हो गया है। ढांचा बनने के बाद इसमें देखकर पता चल रहा है कि ट्रैफिक अव्यवस्थित हो सकता है। ऐेसे में बाद में एक्सप्रेसवे से उतरकर या चढ़ने पर जाम झेलना पड़ सकता है। हालांकि, देहरादून से आने वाले वाहनों को सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ने की सुविधा दी गई है, लेकिन मेरठ से आने वाले वाहनों को काफी चलकर यू-टर्न लेकर आना होगा।
यहां आएंगी परेशानियां
गाजियाबाद की तरफ से आने वाली बसों के लिए एक्सप्रेसवे की तरफ से ही अंडरपास को खोल जाएगा। ऐसे में जो वाहन देहरादून से आने पर मेरठ की ओर जाना चाहेंगे। उन्हें भी यू-टर्न लेना होगा, जिससे यहां ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनेगी। यहां दो स्थानों पर जाम की स्थिति बनेगी। एक तरफ तो यू-टर्न लेने पर और दूसरा जब वाहन एक्सप्रेसवे के शुरुआत केंद्र पर पहुंचेंगे।
लोकल वाहनों के लिए मुश्किलें
शहर में चलने वाले छात्रों के वाहन सहित अन्य किसी को एनएच-58 की तरफ जाना है तो उसे भी दिल्ली की तरफ जाकर यू-टर्न लेकर आना होगा। एनएच-58 पर सबसे अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज, होटल मौजूद हैं। शादियों के सीजन के समय इस रोड पर ही सबसे अधिक आयोजन होते हैं। ऐेसे में परतापुर इंटरचेंज पर जाम की स्थिति बनेगी।