फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जेल में सेल्फी' की पुष्टि, DGP को भेजी रिपोर्ट, अफसरों पर गिर सकती है गाज

Mon, 12 Mar 2018 01:58 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
जेल में सेल्फी
विज्ञापन

कैदियों के जेल में सेल्फी लेने का मामला डीजीपी तक पहुंच चुका है। इस मामले में बंदी रक्षकों पर जल्द गाज गिर सकती है। जानिए पूरा मामला...

विज्ञापन


दरअसल, मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का है। यहां जेल की बैरक से बंदियों की सोशल मीडिया पर वायरल हुई सेल्फी जिला कारागार में ही ली गई थी। जेल अधीक्षक और सीओ नई मंडी की जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। एसएसपी ने डीजीपी को जांच आख्या भेजी है। मामले में बंदी रक्षकों पर भी गाज गिर सकती है। जेल प्रशासन ने इसकी जांच प्रारंभ कर दी है। उधर, रविवार को भी जेल की बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया।

जेल की बैरक से वायरल हुई बंदियों की सेल्फी के बाद लखनऊ तक हड़कंप मचा गया था। आनन फानन में एसएसपी अनंत देव ने जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना और सीओ नई मंडी योगेंद्र सिंह को इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में यह पुष्टि हो गई है कि कारागार की बैरक नंबर 16-ए से ही सेल्फी फेसबुक पर अपलोड की गई थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया था। जेल में सघन अभियान के बाद जेल प्रशासन ने प्रयोग किया गया एंड्रॉयड फोन भी बरामद कर लिया था। 
विज्ञापन


पढ़ें : बंदी ने Facebook पर अपलोड की 'जेल की सेल्फी', खूब हो रही वायरल

विज्ञापन

एसएसपी मुजफ्फरनगर
एसएसपी ने तत्काल पूरे मामले की जांच आख्या रिपोर्ट डीजीपी ओपी सिंह को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दस मार्च को जनपद के ट्यूटर एकाउंट पर जिला कारागार के तीन बंदियों द्वारा अपनी फोटो फेसबुक पर अपलोड करने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में सूचना सत्य पाई गई है। 

जेल अधीक्षक की ओर से सेल्फी में पहचाने गए तीन बंदियों सचिन पुत्र सहंसरपाल निवासी सियागंज शामली, विजय मलिक पुत्र नरेश मलिक निवासी काजीखेड़ा थाना तितावी तथा मोहित पुत्र अंग्रेज निवासी सिखेड़ा मुजफ्फरनगर के विरुद्ध धारा 42- कारागार अधिनियम के तहत नई मंडी कोतवाली पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जेल में बैरक संख्या 16ए तथा 13ए की तलाशी कराई गई थी।

मिट्टी में दबा मिला मोबाइल, सिम गायब
चेकिंग अभियान के दौरान जिस फोन से सेल्फी ली गई, वह पॉलीथिन में छिपा कर गटर के पास मिट्टी में दबाया गया था। आरोपी विजय की निशानदेही पर एक कैमरे वाला जीओ 4जी मोबाइल फोन मिला, जिसमें सिम नहीं था। आरोपी का कहना है कि सिम को तोड़ कर फेंक दिया था। पुलिस अब नंदू की तलाश में है, जिसने जेल में विजय तक मोबाइल पहुंचाया था।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें