मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में एक महीने बाद 20 अप्रैल से जरूरी काम शुरू होगा। रोस्टर प्रणाली के हिसाब से 33 फीसदी कर्मचारी बुलाए जाएंगे। एलएलबी-एलएलएम समेत दूसरे पाठ्यक्रमों का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दूसरे महत्वपूर्ण काम पूरे होंगे। इस दौरान कैंपस में किसी छात्र, शिक्षक या कॉलेज के कर्मचारी की एंट्री नहीं होगी। यदि कोई इस दौरान कैंपस में आया तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार से गाइड लाइन जारी होने के बाद सोमवार से विवि कैंपस में जरूरी काम होंगे। इस दौरान मार्कशीट, डिग्री और दूसरे प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाएंगे। यहां रुके रिजल्ट, परीक्षा से संबंधित काम और दूसरे कार्य ही पूरे किए जाएंगे। अन्य कार्य लॉकडाउन खुलने के बाद ही होंगे। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस बाबत सभी को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने एवं सोशल डिस्टेंस घर से निकलने के साथ ही पालन करने के निर्देश दिए। उत्तर पुस्तिकाओं के भवन को नहीं खोला जाएगा। शासन के निर्देशानुसार अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में जरूरी काम करेंगे।
आसान नहीं दो घंटे का पेपर करना, प्रश्न घटाना
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में 22 फरवरी से चल रही परीक्षाओं में से अभी तक 40 फीसदी ही हो पाई थीं। इनमें तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। ऐसे में इनकी सारी उत्तर पुस्तिकाएं करीब 18 लाख हो जाती हैं। आठ लाख के करीब उत्तर पुस्तिकाएं कैंपस में आ चुकी हैं। 10 लाख से ज्यादा परीक्षाएं पूरी होने पर आएंगी। ऐसे में दस लाख कॉपी विवि को दोबारा छपवानी पड़ेंगी। जिस तरह से पेपर को दो घंटे किए जाने और प्रश्नों को घटाने का प्रस्ताव दिया है, उसके मद्देनजर प्रश्न पत्र दोबारा छपवाने से पहले सेट कराने होंगे। ऐसे में दस लाख पेपर में यह सब इतनी जल्दी हो पाना आसान नहीं। इसका तरीका फिर यह निकल सकता है कि हर कॉलेज में ऐसे निर्देश जारी कर दिए जाएं कि पेपर वहीं रहें। दिशा निर्देश से छात्रों को अवगत करा दिया जाए। हालांकि यह भी आसान नहीं है। इसको लेकर क्या निर्णय होगा यह 25 अप्रैल के बाद ही तय हो पाएगा।
कॉलेजों में कार्यालय खुलने का स्पष्ट आदेश नहीं
प्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल तक सरकारी कार्यालय खोले जाने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि डिग्री कॉलेजों के कार्यालयों को लेकर अभी आदेश नहीं आया है। विवि ने भी इस बारे में स्पष्ट नहीं किया है। वहीं, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि कॉलेजों में कार्यालय खोले जाने का आदेश नहीं मिला है।