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Meerut News: मजबूरी को बनाया ताकत... नाली के पानी से उगा दीं सब्जियां

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परीक्षितगढ़। जल निकासी को मामूली झगड़ों से आए दिन गांव का माहौल खराब रहता, लेकिन जल निकासी का कोई उचित प्रबंध न होने के कारण सिकंदरपुर गांव का हर परिवार परेशान था। ऐसे में इस गांव की महिलाओं ने पहले नलों के आगे छोटे गड्ढे खोदे और बाद में धीरे-धीरे आंगन में सब्जियां उगानी शुरू कर दीं। देखते ही देखते 600 की आबादी वाले गांव के हर घर के आंगन में किचन गार्डन बन गया। आज जल निकासी की समस्या समाप्त हो गई। अब गांव के लोग अधिक सब्जियां उगाकर उन्हें बाजार में बेच भी देते हैं। इससे उन्हें अच्छी खासी आय भी हो जाती है।
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सिकंदरपुर मेरठ जिले का आखिरी गांव है। जिले से लगभग 55 किमी दूर खादर क्षेत्र का यह पिछड़ा हुआ गांव है। इस गांव में लगभग आठ साल पहले तक जल निकासी की समस्या से आए दिन गांव में झगड़े की समस्या बनी रहती थी। इसे देखते हुए गांव के 135 परिवार के लोगों ने आपस में बैठकर समस्या को सुलझाने का प्रयास किया। महिलाओं ने घर के आंगन में सब्जियां उगानी शुरू कर दीं। घरों से निकलने वाला पानी किचन गार्डन में उपयोग होने लगा। जल निकासी की इस समस्या को महिलाओं ने आय के स्रोत में तब्दील किया। इस कार्य को करने में महिलाओं को कोई सरकारी सहायता नहीं मिली। खास बात यह है कि गांव के लोग बाजार से सब्जी नहीं खरीदते।


जल संरक्षण के साथ हरियाली का संदेश दे रही महिलाएं
सिकंदरपुर गांव की महिलाओं ने गांव में तालाब न होने के कारण आए दिन जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए पहल की। महिलाओं ने नलों के आगे गड्ढे खोदे और पानी उसमें एकत्रित होने लगा, लेकिन यह भी नाकाफी था। इसके बाद छोटे पेड़ व बाद में सब्जियां उगानी शुरू कर दी। महिलाएं अपने आंगन में गोभी, तोरी, लौकी, कद्दू, जिमीकंद, कटहल, भिंडी, नींबू आदि की सब्जियां उगाती हैं। पूरी तरह जैविक खेती से उगाई गई सब्जियों को अपने घरों में उपयोग करने के साथ बाकी सब्जियों को बेच दिया जाता है। इस तरह इस गांव की महिलाओं ने जल संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली का संदेश दिया।
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वर्जन
हमारा गांव जिले का आखिरी गांव है। गांव में तालाब के लिए जमीन नहीं है। यह सबसे बड़ी समस्या थी। ऐसे में महिलाओं ने इस समस्या से निपटने का बीड़ा उठाया और अपनी आंगन में किचन गार्डन बनाकर इसे आय के स्रोत में तब्दील कर दिया। प्रदेश स्तर पर गांव को सम्मानित करने के लिए मुझे लखनऊ भी बुलाया गया था। सूचना देर से मिलने के कारण मैं जा नहीं पाई। - सुषमा सोनू, प्रधान सिकंदरपुर
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