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उलझ गई डीएम का फोन हैक कर धमकी देने की गुत्थी  

Tue, 25 Apr 2017 12:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर के डीएम डीके सिंह के सीयूजी नंबर को हैक कर आईएसआईएस का आतंकी बताकर मवाना के विहिप नेता को धमकी देने के मामले का सच अभी तक सामने नहीं आ पाया है। मुजफ्फरनगर, मेरठ और लखनऊ के सर्विलांस विशेषज्ञों की कई टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हैं। दोनों नंबरों की निकाली गई सीडीआर में डीएम का सीयूजी नंबर आने से गुत्थी और उलझ गई है। मामला जिले के आला अफसर से जुड़ा होने के कारण पुलिस गंभीरता से तथ्यों को बारीकी से खंगाल रही है।    
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मेरठ के मवाना निवासी विहिप के जिला मंत्री सौरभ शर्मा को रविवार सुबह डीएम दिनेश कुमार सिंह के सीयूजी नंबर को हैक कर दो बार और तीसरी बार पाकिस्तान के नंबर से परिवार सहित खत्म करने की धमकी दी गई थी। डीएम के निर्देश पर एसएसपी मुजफ्फरनगर बबलू कुमार ने सर्विलांस विशेषज्ञों को मामले के खुलासे के लिए लगा रखा है, जबकि मेरठ का साइबर सेल भी जांच में जुटा है। हालांकि अभी सच्चाई सामने नहीं आ पाई। 

तकनीक पर फोकस
घटना के पीछे किसी आतंकी साजिश से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। किस तकनीक को इस्तेमाल कर डीएम का फोन हैक किया गया, यह जानने के लिए टीमें लगी हैं। बताया जाता है कि इस तरह की तकनीक का सहारा बड़े आतंकी संगठन लेते रहे हैं। 
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लखनऊ से भी ली मदद
इस मामले में बीएसएनएल के साथ ही निजी मोबाइल कंपनियों से भी सहायता ली जा रही है। जांच में जुटे एक्सपर्ट अभी तक हजारों कॉल खंगाल चुके हैं। एसएसपी मुजफ्फरनगर ने सोमवार सुबह सर्विलांस टीमों के एक्सपर्ट से अपडेट लिया तो डीएम डीके सिंह ने बीएसएनएल के अफसरों को अपने ऑफिस बुलाकर मामले की जानकारी ली। बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि सभी सरकारी सीयूजी नंबर लखनऊ से आवंटित होते हैं। नंबर की जांच के लिए लखनऊ सर्किल की भी मदद ली जा रही है।      
 
अज्ञात में मुकदमा, हल्की धाराएं
मवाना (ब्यूरो)। थाना प्रभारी मवाना कोतवाली राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि विहिप नेता को धमकी मिलने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अहम बात यह है कि इस मुकदमे में आईपीसी की धारा 504 (अपमान करना) और 506 (धमकी देना) ही लगाई गई हैं। जबकि डीएम मुजफ्फरनगर का सीयूजी नंबर हैक करने के अलावा पाकिस्तान के नंबर से खुद को आईएसआईएस आतंकी संगठन का सदस्य बताकर विहिप नेता को धमकी दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने इस मुकदमे में काफी हल्की धाराएं लगाईं हैं।

बोलचाल मुजफ्फरनगर जैसी थी       
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने विहिप नेता सौरभ शर्मा से जानकारी ली तो विहिप नेता ने बताया कि कॉल करने वाले की भाषा मुजफ्फरनगर जैसी लग रही थी। जिससे अंदेशा है कि इस मामले के पीछे मुजफ्फरनगर के किसी व्यक्ति की हरकत भी हो सकती है।       
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