मेरठ। एसपी सिटी द्वारा जांच में लेटलतीफी करने पर पीड़ित ने शनिवार को एडीजी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की है। आरोप लगाया कि एसपी सिटी के द्वारा जांच प्रभावित की जा सकती है। एडीजी ने एसपी सिटी को मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कही है।
नंगलाताशी कंकरखेड़ा निवासी सोनू उर्फ साहिल ने एक सप्ताह पहले एडीजी ऑफिस में सीओ दौराला और कंकरखेड़ा थाना पुलिस की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसके करोड़ों रुपए कीमत की जमीन का जबरन बैनामा कराने के लिए उसे हिरासत में लिया था। एडीजी ने एसपी सिटी को जांच सौंपी थी। एक सप्ताह बीतने के बाद पीड़ित सोनू ने शनिवार को एडीजी ऑफिस पहुंचकर फिर शिकायत की। आरोप लगाया कि पुलिस के खिलाफ शिकायत करने के बाद से उसकी जान को खतरा बना हुआ है। एसपी सिटी द्वारा की जा रही जांच देरी से हो रही है। सोनू ने एडीजी से मामले में कई बातें भी बताईं, जिसके बाद एडीजी ने एसपी सिटी को अपने ऑफिस में बुलाकर निर्देश दिए कि इस मामले में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एडीजी जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि जांच रिपोर्ट निष्पक्ष होगी। किसी बिंदु पर शंका या फिर प्रश्न चिन्ह नहीं होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
सीओ दौराला को बचाने की कोशिश तो नहीं
पुलिस द्वारा हो रही जांच में सीओ दौराला को बचाने की कोशिश करने की चर्चाएं जोरों से चल रही हैं। होटल मालिक की गिरफ्तारी के मामले में भी अभी तक जांच रिपोर्ट एडीजी को प्रस्तुत नहीं की गई। सवाल उठता है कि आखिर गंभीर मामलों में भी जांच रिपोर्ट में लेट लतीफी होगी तो कैसे आम जनता को पुलिस इंसाफ दे पाएगी।