मेरठ। सक्षम अभिभावकों को स्कूलों में फीस जमा करानी होगी। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि की फीस माफी के संबंध में अभिभावकों और छात्रों में भ्रांति फैलाई जा रही है। जिससे समक्ष अभिभावक भी छात्र-छात्राओं की फीस जमा नहीं करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 आपदा अवधि में मासिक आधार पर शुल्क लिया जाए। किसी भी छात्र एवं अभिभावक को तीन माह की अग्रिम शुल्क जमा करने के लिए बाध्य न किया जाए। शासन से यह निर्देश मिले थे। लॉकडाउन की अवधि की फीस माफी के संबंध में शासन से निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। लिहाजा अभिभावक, छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में मासिक शुल्क जमा करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्देश सभी निजी और सरकारी स्कूलों के लिए है। दरअसल फीस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। इसी संबंध में 26 जून को माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव ने डीआईओएस को यह जानकारी दी थी। इसके बाद यह निर्देश जारी किया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश पर जताई नाराजगी
मेरठ। जिला विद्यालय निरीक्षक का सक्षम अभिभावकों से फीस लिए जाना संबंधी आदेश जनविरोधी है। इसा पर अभिभावकों में रोष है। पब्लिक स्कूल अभिभावक संघ के संयोजक कपिलराज शर्मा ने कहा कि यह आदेश विसंगतिपूर्ण है। सक्षम होने का निर्धारण स्कूल प्रबधन या जिला विद्यालय निरीक्षक किसी आधार पर करेंगे। इसका स्पष्ट प्रावधान उक्त आदेश में नहीं है। हालांकि अपनी मांगों के लिए अभिभावक संघ ने ज्ञापन दिया था। उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावक हित की अनदेखी की गई है। कोरोना काल की फीस माफी की मांग उन अभिभावकों ने उठाई है जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। लॉकडाउन के चलते आय के साधन ही समाप्त हो गए, बहुत से लोगों की नौकरी चली गई है।