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रैपिड के प्रस्तावित डिपो पर फंसा मुआवजे का पेंच

Tue, 21 May 2019 04:24 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के मोदीपुरम में प्रस्तावित डिपो को लेकर मुआवजे का पेंच फंस गया है। दौराला की जमीन से संबंधित किसानों ने राजस्व रिकॉर्ड को आधार बनाकर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ऐसे में अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उचित रेट के आधार पर ही निर्णय होगा
सोमवार को मोदीपुरम में रैपिड रेल के डिपो को लेकर बचत भवन में दौराला, सिवाया और रोशनपुर डौरली के किसानों, प्रशासन और एनसीआरटीसी के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में एडीएम(एलए) ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम(एफआर) सुभाष प्रजापति ने किसानों को कहा कि रैपिड रेल मेरठ के विकास का एक बड़ा प्रोजेक्ट है। उचित रेट पर आपसी समझौते के आधार पर जमीन की खरीद की जाएगी। इसके लिए 64 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है।  किसानों ने मांग की कि मुआवजा नई अधिग्रहण नीति के अनुसार ही दिया जाना चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि यह अधिग्रहण नहीं है रैपिड रेल की कंपनी आपसी सहमति से जमीन की रजिस्ट्री कराएगा। इस पर किसानों ने कहा कि दौराला की जमीन राजस्व रिकार्ड में गांव में दर्ज है। ऐसी स्थिति में गांव की जमीन मानकर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए।
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....तो क्या हम भूखे मर जाएं
बैठक में दौराला के किसानों ने कहा कि बगल के सिवाया गांव का सर्किल रेट 1400 रुपये मीटर है, जबकि दौराला का रेट 1200 रुपये का है। दौराला को नगर पंचायत भी बना दिया गया है। कुछ किसानों ने 2016 से सर्किल रेट में परिवर्तन नहीं होने की भी शिकायत की। अधिकारियों ने कहा कि रैपिड रेल राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है इसमें सभी को सहयोग करना करना चाहिए। इस पर किसानों ने कहा कि वे तो भूखे ही मर जाएंगे। किसानों के इस बयान पर अधिकारी कुछ नहीं बोले।
बैठक के अंत में एडीएम(एफआर) सुभाष चंद प्रजापति ने कहा कि बातचीत का दौर शुरू हुआ है। मिलकर रेट तय किया जाएगा। बैठक में एआईजी स्टांप विजय तिवारी के साथ सरधना और मेरठ के सब रजिस्ट्रार, एनसीआरटीसी के अधिकारी मौजूद रहे।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की तरह जमीन सौदा
बता दें प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में भी इसी तरह आपसी सहमति के आधार पर जमीन का सौदा किया गया था। इसलिए इस प्रोजेक्ट के आधार पर ही रैपिड रेल के लिए जमीन ली जानी है। जिससे प्रोजेक्ट आसानी के साथ तेज रफ्तार में चल सके।

रैपिड स्टेशनों के लिए जमीन की जरूरत
मेरठ साउथ - 10 हजार 436
परतापुर - एक हजार 820
रिठानी - दो हजार 270
शताब्दीनगर - 12 हजार 296
ब्रह्मपुरी - पांच हजार 237
मेरठ सेंट्रल - पांच हजार 755
भैंसाली - तीन हजार 690
बेगमपुल - सात हजार 6
एमईएस कॉलोनी - दो हजार 611
डोरली - दो हजार 827
मेरठ नार्थ - सात हजार 426
मोदीपुरम - आठ हजार 222
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