बृहस्पतिवार शाम को सवा चार बजे परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो माता राधा, पत्नी शिप्रा गोयल, 14 साल की बेटी अक्सरा और आठ साल का बेटा पार्थ और दोनों बहनों चांदनी और नीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की हालत देखकर हर किसी की रुलाई फूट पड़ी। हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।
- फोटो : अमर उजाला
बूढ़े माता-पिता क्या करेंगे। रोते हुए परिजन यही कहते रहे कि अंकुर ने कम समय में ही मेहनत करके इतनी बड़ी जिम्मेदारी पाई थी। पिता का काम छुड़वाकर घर पर रहने को बोल दिया था। 15 दिन पहले ही नई गाड़ी लाया था। सब कुछ खत्म हो गया।
नौ साल पहले विधायक शाहिद मंजूर की बेटी की भी हुई थी डूबने से मौत
नौ साल पहले किठौर से सपा विधायक शाहिद मंजूर की बेटी अदीबा भी ऋषिकेश की गंगा में डूब गईं थी। अदीबा 10 मई 2015 को दोस्तों के साथ कैंपिंग के लिए ऋषिकेश गईं थी। फूलचट्टी में गंगा में पत्थर के ऊपर फोटो खिंचवाते वक्त वह गंगा में गिर गईं थी। 12 दिन बाद उनका शव ऋषिकेश बैराज से 500 मीटर पहले राजाजी नेशनल पार्क की सीमा के पास गंगा से बरामद हुआ था।
अर्थी उठी तो बिलख पड़े परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के तीन युवक भी शिवपुरी गंगा में डूबे थे
ऋषिकेश के शिवपुरी में मुजफ्फरनगर के भी तीन युवक डूब गए थे। 11 जुलाई 2021 को मुजफ्फरनगर के अंकित विहार निवासी दो सगे भाई राजीव शर्मा, दीपक शर्मा और संतोष विहार निवासी आदित्य देव शिवपुरी में गंगा में नहाते समय डूब गए थे। राजीव और दीपक के शव ऋषिकेश बैराज पर मिले थे, जबकि आदित्य का शव दस दिन बाद बिजनौर गंगा बैराज पर मिला था।
गंगा के बहाव और गहराई का अनुमान नहीं होता, बरतें सावधानी
ऋषिकेश घूमने आने वाले पर्यटकों को गंगा के तेज बहाव और उसकी गहराई का अनुमान नहीं होता, जिस कारण वो नहाते समय अपनी जान गंवा रहे हैं। ऋषिकेश क्षेत्र में कई स्पाट ऐसे हैं जहां गंगा का बहाव और गहराई बहुत है। पर्यटकों को इसका अनुमान नहीं लग पाता।