नगर निगम कार्यालय पर व्यापारियों का हंगामा
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में हंगामा किया। व्यापारियों ने कचहरी रोड स्थित मथुरा पैलेस के सामने दुकानों का सामान बाहर फेंकने का विरोध किया। व्यापारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। उन्होंने इसके लिए नगर निगम को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशु शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बताया कि मथुरा पैलेस के व्यापारी 25 साल से व्यापार कर रहे हैं। नगर निगम सभी व्यापारियों की पटरी दुकानदारों के रूप में रसीद काटता है। वर्ष 2020 में वहां के 18 दुकानदारों से नगर निगम ने पांच साल का शुल्क लिया और रसीद काट दी। अब बिना किसी पूर्व सूचना के निगम की टीम ने दुकानों को उजाड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि इन व्यापारियों के लिए नगर निगम को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। व्यवस्था होने तक उसी स्थान पर व्यापार होगा। टकराव की स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। सप्ताह भर में अगर नगर निगम के द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन के लिए विवश होगा। इस दौरान आदिश अग्रवाल, अमित कंसल, यामीन अब्बासी, जतिन अरोड़ा, गौरव चावला, सुरेश कुमार, तुषार चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।
चेकिंग के नाम पर मनमानी पर रोष जताया
मेरठ। कोतवाली क्षेत्र में हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने नगर निगम के प्रवर्तन दल की कार्रवाई का विरोध किया है। संगठन के महामंत्री अंकुर गोयल ने बताया कि प्रवर्तन दल ने कोतवाली क्षेत्र में अमरनाथ किराना स्टोर और सुभाष बाजार में जैन किराना स्टोर में निरीक्षण किया। टीम चेकिंग के नाम पर मनमानी की है। पैकिंग पॉलिथीन को भी जब्त किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि चेकिंग और जुर्माने के नाम पर उनका ही उत्पीड़न क्यों किया जाता है। यदि कार्रवाई करनी है तो पहले पॉलिथीन निर्माता कंपनियों पर की जाए। राजन सिंहवाल, मयंक जैन, हर्षित गुप्ता, राहुल, सचिन गुप्ता, राकेश आदि लोग मौजूद रहे।