हर माह ऑनलाइन हाजिरी का डाटा दें कॉलेज
मेरठ। कॉलेजों में साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये सालाना खर्च के बाद भी लगातार खराब रिजल्ट आने पर कुलपति ने कड़ा रुख अपनाया है। सभी कॉलेजों को अब हर महीने छात्र-छात्राओं की हाजिरी का ऑनलाइन डाटा विवि को भेजना होगा। इसमें प्राचार्यों की जवाबदेही तय होगी। ऐसा नहीं किए जाने पर सीधे प्राचार्यों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जल्द ही शिक्षकों के लिए उनके कार्य किए जाने का पूरा चार्ट तैयार किया जाएगा।
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के 50 एडेड और 15 राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों-कर्मचारियों की सैलरी पर हर साल साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होते हैं। विवि का दो सौ करोड़ रुपये का बजट है। इसके बाद भी हर साल फर्स्ट ईयर में 65 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हो रहे हैं। ये भी तब है जबकि इन कॉलेजों में फीस न के बराबर है। जितनी फीस जमा होती है उतनी छात्रवृत्ति भी मिलती है। लेकिन इसके बाद भी पढ़ाई की स्थिति खराब हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण रेग्युलर होने के बाद भी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या 10 से 20 फीसदी होना ही है। सभी कोर्सों में छात्र-छात्राओं की हाजिरी 75 फीसदी होनी चाहिए। लेकिन सबसे ज्यादा बुरा हाल एडेड कॉलेजों में ही है। गर्ल्स कॉलेजों मेें तो छात्राओं की उपस्थिति फिर भी ठीक है लेकिन कोएड में छात्र-छात्राएं कक्षाओं में न के बराबर आ रहे हैं। फेल होने की यही सबसे बड़ी वजह है। इसको लेकर कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कॉलेजों की लापरवाही नहीं चलेगी। सभी कॉलेजों को हर महीने छात्र-छात्राओं की हाजिरी का डाटा ऑनलाइन भेजना ही होगा। जो प्राचार्य ऐसा नहीं करेंगे उनके बारे में शासन को भी रिपोर्ट जाएगी। इसके लिए उन्होंने रजिस्ट्रार से कॉलेजों को निर्देश जारी करने को कहा है। कुलपति ने कहा है कि आठ जुलाई से कक्षा शुरू होने के बाद से कॉलेजों को हर महीने रिकॉर्ड देना होगा।
शिक्षकों ने क्या पढ़ाया इसका रहेगा चार्ट में हिसाब
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने कॉलेजों में इतना खर्च होने के बाद भी फेल छात्रों की संख्या से शासन को अवगत करा दिया है। डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि एक चार्ट तैयार कराया जा रहा है। इसमें हर शिक्षक को यह भरकर देना होगा कि उन्होंने हर दिन क्या टॉपिक पढ़ाया। कितने छात्र-छात्राएं कक्षा में शामिल रहे। इस परफॉर्मेंस चार्ट को 15 दिन के भीतर सभी कॉलेजों में लागू कर दिया जाएगा। जिनकी परफॉरमेंस खराब होगी उनकी सैलरी भी रोकी जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन इसको लेकर सख्ती कर रहा है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विवि के अलावा उनको भी हर महीने ऑनलाइन हाजिरी हर कॉलेज को भेजनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले प्राचार्यों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
प्राचार्य के खिलाफ होगी कार्रवाई
सभी कॉलेजों को हर महीने छात्रों की हाजिरी का ऑनलाइन डाटा विवि को भेजना होगा। जो प्राचार्य ऐसा नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिन छात्रों की हाजिरी 75 फीसदी नहीं होगी उनका परीक्षा फार्म रोका जाएगा। - प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू